मध्यप्रदेश में मानसून फिर हुआ मेहरबान, 3 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में बिजली गिरने का खतरा
MP weather today update : अगस्त का महीना आधा बीत चुका है और मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरे जोश में लौट आया है। मौसम विभाग ने 14 से 16 अगस्त तक प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है। खासकर पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम बना वजह
मौसम में इस बदलाव के पीछे एक बड़ी वजह है। तटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के साथ-साथ उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना था, जो अब उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए गहरे दबाव के क्षेत्र यानी डिप्रेशन में तब्दील हो चुका है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती सिस्टम भी सक्रिय है, जो करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है और दक्षिण की तरफ झुका हुआ है। इसके साथ ही मानसून की ट्रफ लाइन फिरोजपुर, बाराबंकी, तटीय पश्चिम बंगाल और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से होकर गुजर रही है। इन सभी मौसमी गतिविधियों के मेल से प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
14 अगस्त: इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
गुरुवार यानी 14 अगस्त को शहडोल, अनूपपुर, बालाघाट, शिवपुरी, श्योपुरकलां और छतरपुर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में तेज गरज-चमक के साथ आंधी जैसी हवाएं भी चल सकती हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
The Depression over coastal West Bengal moved west-northwestwards with a speed of 12 kmph during past 6 hours and lay centred at 1730 hrs IST of today, the 13th August, 2026, over the same region near latitude 22.6°N and longitude 87.8°E, about 50 km east-northeast of Medinipur… pic.twitter.com/FXrpTDX8z6
— India Meteorological Department (@Indiametdept) August 13, 2026
इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर और ग्वालियर जैसे जिलों में भी बारिश के साथ आंधी-तूफान जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। यानी सिर्फ पूर्वी हिस्सा ही नहीं, बल्कि प्रदेश का पश्चिमी और मध्य क्षेत्र भी इस मौसमी बदलाव से अछूता नहीं रहेगा।
15 अगस्त: पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्से भीगेंगे
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है। पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इनमें अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और जबलपुर तथा आसपास के इलाके शामिल हैं। इन जिलों में मानसून की गतिविधि अपेक्षाकृत ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है। वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी, यानी इस दिन प्रदेश के दोनों छोर एक साथ मानसून की मार झेल सकते हैं।
16 अगस्त को भी नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग के मुताबिक 16 अगस्त को भी पूर्वी मध्यप्रदेश में बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी हिस्से के कुछ जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज होने की आशंका है। यानी लगातार तीसरे दिन भी बारिश से राहत मिलने के आसार कम ही नजर आते हैं। ऐसे मौसम में नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में बसे परिवारों को खास सतर्कता बरतने की जरूरत है।
बीते 24 घंटे में मौसम का मिजाज
अगर पिछले 24 घंटे की बात करें, तो भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर संभागों के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा चंबल, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों के कुछ जिलों में तथा सागर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हुई। इससे साफ है कि मानसून प्रदेश के लगभग हर हिस्से में सक्रिय है, बस तीव्रता अलग-अलग जिलों में अलग-अलग रही।
