Sports News Without Access, Favor, Or Discretion!

  1. Home
  2. Local News

Narsinghpur mp : मानवता की सेवा का पहला संकल्प,शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय में फ्लोरेंस नाइटिंगल शपथ समारोह


Narsinghpur mp : स्वास्थ्य सेवाओं की दुनिया में कदम रखने से पहले नर्सिंग छात्राओं के लिए सबसे अहम क्षण वही होता है, जब वे सेवा, करुणा और ईमानदारी की शपथ लेती हैं। ऐसा ही एक गरिमामय और भावनात्मक अवसर 3 फरवरी 2026 को शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय में देखने को मिला, जब शैक्षणिक सत्र 2025-26 के नए बैच की छात्राओं ने फ्लोरेंस नाइटिंगल शपथ ग्रहण की। यह समारोह न केवल एक औपचारिक परंपरा था, बल्कि आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी जिम्मेदारियों की गंभीर याद भी दिलाने वाला अवसर रहा।

दीप प्रज्वलन के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत

समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई, जिसे मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर रजनी सिंह, विशिष्ट अतिथि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनीष कुमार मिश्रा और अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से संपन्न किया। दीप प्रज्वलन का यह क्षण ज्ञान, सेवा और आशा के प्रतीक के रूप में देखा गया, जो नर्सिंग शिक्षा के मूल उद्देश्य से गहराई से जुड़ा है। इसके बाद महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शारदा नागवंशी ने ‘लैंप लाइटिंग’ की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए छात्राओं को फ्लोरेंस नाइटिंगल शपथ दिलाई। हाथों में जलता दीपक और मन में सेवा का संकल्प, इस दृश्य ने पूरे सभागार को भावुक कर दिया। छात्राओं ने यह वचन लिया कि वे अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करेंगी, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों।

फ्लोरेंस नाइटिंगल शपथ का महत्व

फ्लोरेंस नाइटिंगल को आधुनिक नर्सिंग की जननी माना जाता है। उनके नाम पर ली जाने वाली यह शपथ नर्सिंग विद्यार्थियों को यह याद दिलाती है कि मरीज केवल एक केस या संख्या नहीं, बल्कि एक इंसान होता है, जिसकी देखभाल में संवेदना और सम्मान सबसे जरूरी है। इस शपथ के माध्यम से छात्राएं गोपनीयता बनाए रखने, बिना भेदभाव सेवा देने और अपने ज्ञान को लगातार बढ़ाने का संकल्प लेती हैं। आज के समय में, जब स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, नर्सों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में यह शपथ समारोह नई पीढ़ी के स्वास्थ्य कर्मियों को मानसिक रूप से तैयार करने का एक अहम पड़ाव बन जाता है।

जिला कलेक्टर का प्रेरक संदेश

मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर रजनी सिंह ने अपने संबोधन में छात्राओं को नर्सिंग के सामाजिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नर्सें किसी भी स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ होती हैं। अस्पतालों में मरीज सबसे पहले और सबसे अधिक समय नर्सों के संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनका व्यवहार, ईमानदारी और संवेदनशीलता सीधे मरीज के स्वास्थ्य और विश्वास से जुड़ी होती है। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि वे अपने कार्य को केवल नौकरी न समझें, बल्कि सेवा के रूप में देखें। ईमानदारी, धैर्य और करुणा को अपने पेशे का आधार बनाकर ही वे एक बेहतर स्वास्थ्यकर्मी बन सकती हैं। उनका यह संदेश छात्राओं के लिए मार्गदर्शन की तरह रहा।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुभकामनाएं

विशिष्ट अतिथि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनीष कुमार मिश्रा ने भी छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नर्सिंग शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। वास्तविक सीख अस्पतालों और मरीजों के बीच काम करते हुए मिलती है। उन्होंने छात्राओं को निरंतर सीखते रहने और टीमवर्क की भावना विकसित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य चिकित्सकों और अतिथियों ने भी नए बैच की छात्राओं को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने यह भी कहा कि आज की प्रशिक्षु छात्राएं ही आने वाले समय में समाज की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करेंगी।

वरिष्ठ अतिथियों और शिक्षकों की उपस्थिति

इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक और समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे। जिला चिकित्सालय की मैट्रन अंजना रैकवार, वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी मौली कामिनी रान, उमा राय और मधुरिमा नाथ सहित अन्य अनुभवी नर्सिंग स्टाफ की मौजूदगी ने छात्राओं को व्यावहारिक प्रेरणा दी। महाविद्यालय की शैक्षणिक टीम, जिसमें उप-प्राचार्या नीलम राजपूत, वरिष्ठ सिस्टर ट्यूटर ममता चौबे और अन्य सिस्टर ट्यूटर शामिल रहीं, ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा सहायक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का सहयोग भी आयोजन की व्यवस्था में साफ दिखाई दिया।