नरसिंहपुर हत्याकांड: स्कूल की लापरवाही उजागर, शिक्षक निलंबित, प्रधानपाठक समेत दो को नोटिस
Narsinghpur murder case : नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव क्षेत्र में एक मासूम छात्रा के साथ हुई दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। अब इस मामले में सिर्फ आरोपी की गिरफ्तारी तक बात सीमित नहीं रही, बल्कि जिस सरकारी स्कूल में बच्ची पढ़ती थी, वहां की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जिला प्रशासन ने जांच के बाद स्कूल के एक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि प्रधानपाठक और कक्षा शिक्षक को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी सिद्धांत बागड़े द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई है।
क्या था पूरा मामला
बीते 5 अगस्त को गोटेगांव थाना क्षेत्र में कक्षा तीन में पढ़ने वाली 8 वर्षीय छात्रा के साथ बेहद दर्दनाक घटना हुई थी। आरोपी अन्नू उर्फ अनिल यादव पर बच्ची का अपहरण कर उसके साथ अमानवीय कृत्य करने के बाद हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। बच्ची किस तरह स्कूल से बाहर गई और इस दौरान शिक्षकों ने किस स्तर की सतर्कता बरती, इसे लेकर प्रशासन ने अलग से जांच बिठाई।
शिक्षक रईस खान पर गिरी गाज
जांच में पता चला कि मुख्य रूप से शिक्षक रईस खान की लापरवाही थी। इसके आधार पर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने उन्हें तुरंत सस्पेंड करने का आदेश जारी किया। असल में, घटना वाले दिन लड़की को यह कहकर स्कूल से बाहर ले जाया गया कि उसके पिता उसे घर बुला रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि जब कोई बाहरी व्यक्ति किसी बच्चे को स्कूल से ले जाने आता है, तो यह शिक्षकों की ज़िम्मेदारी है कि वे उस व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करें या यह पक्का करें कि बच्चे के साथ कोई भरोसेमंद व्यक्ति हो। इस मामले में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिसे सीधे तौर पर लापरवाही माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था बयान
बच्ची के लापता होने की खबर सामने आने के बाद शिक्षक रईस खान का एक बयान सबसे पहले सोशल मीडिया पर तेजी से फैला था। इसमें उन्होंने बताया था कि लंच के समय कोई व्यक्ति बच्ची को लेने आया था और वह अपना स्कूल बैग कक्षा में ही छोड़कर चली गई थी। प्रशासनिक जांच में इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर लापरवाही की श्रेणी में रखा गया, जिसके आधार पर अंतिम कार्रवाई की गई।
प्रधानपाठक और कक्षा शिक्षक को भी नोटिस
जांच अधिकारी सिद्धांत बागड़े के मुताबिक, स्कूल की प्रधानपाठक कोसा ठाकुर और कक्षा शिक्षक प्रकाश यादव को भी शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। विभाग का कहना है कि स्कूल परिसर और कक्षाओं में मौजूद बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना इन दोनों की भी जिम्मेदारी थी।
