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नरसिंहपुर में कुदरत का अनोखा करिश्मा: जुड़े हुए शरीर वाले जुड़वां बच्चों का जन्म, देखकर डॉक्टर भी हैरान

Narsinghpur Latest News

Narsinghpur Latest News :  कुदरत के खेल भी निराले हैं। कभी-कभी कुछ ऐसा देखने को मिल जाता है कि अच्छे-अच्छे लोगों का सिर चकरा जाए। ऐसा ही कुछ हैरान करने वाला मामला हमारे अपने नरसिंहपुर जिले से सामने आया है। यहां के जिला अस्पताल में एक महिला ने ऐसे जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है, जिनके शरीर आपस में जुड़े हुए हैं।

जब अस्पताल के डॉक्टरों और वहां मौजूद स्टाफ ने इन बच्चों को देखा, तो वे भी एक पल के लिए सन्न रह गए। मामला ही कुछ ऐसा था। परिवार वाले तो पहले से ही परेशान थे, लेकिन बच्चों की ऐसी शारीरिक बनावट देखकर उनकी चिंता और ज्यादा बढ़ गई।

बम्होरी सोकलपुर की महिला को अचानक हुई प्रसव पीड़ा

मामला बम्होरी सोकलपुर गांव का है। यहां रहने वाली कुब्जा, जो बृजेश कुशवाहा की पत्नी हैं, शुक्रवार शाम अचानक प्रसव पीड़ा से तड़पने लगीं। परिजन बिना देर किए उन्हें सीधे नरसिंहपुर जिला अस्पताल ले आए।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने महिला की जांच की। स्थिति देखकर टीम को समझ आ गया कि यह मामला सामान्य डिलीवरी वाला नहीं है। पेट में बच्चों की पोजीशन कुछ अलग तरह की लग रही थी, इसलिए देर किए बिना सिजेरियन ऑपरेशन का फैसला ले लिया गया।

ऑपरेशन थियेटर में जब सामने आई असली तस्वीर

जैसे ही ऑपरेशन शुरू हुआ और बच्चे बाहर आए, थियेटर में मौजूद हर शख्स की सांस थम गई। दोनों नवजात आपस में जुड़े हुए थे। यह नजारा डॉक्टरों के लिए भी हैरान कर देने वाला था, क्योंकि इस तरह के मामले लाखों में एक बार सामने आते हैं।

चिकित्सा विज्ञान में इसे कन्जॉइंड ट्विन्स कहा जाता है। असल में जब जुड़वा भ्रूण गर्भ में पूरी तरह अलग नहीं हो पाते, तो बच्चे किसी हिस्से से आपस में जुड़े हुए पैदा होते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह प्राकृतिक होती है और इसमें किसी की कोई गलती नहीं होती। बस कुदरत का यह खेल बहुत कम ही देखने को मिलता है।

अब जबलपुर मेडिकल कॉलेज में होगी आगे की तैयारी

ऐसी मेडिकल कंडीशन बहुत जटिल होती है। इसके लिए बेहद एडवांस मशीनें और बहुत अनुभवी डॉक्टरों की जरूरत पड़ती है। हमारे जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत बच्चों को आगे के इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

अब जबलपुर के बड़े अस्पताल में बच्चों के शरीर की खास जांच की जाएगी। वहां पीडियाट्रिक सर्जन यानी बच्चों के ऑपरेशन के एक्सपर्ट्स की टीम यह तय करेगी कि दोनों मासूमों को सुरक्षित तरीके से अलग करने के लिए कौन सा ऑपरेशन किया जाना चाहिए। पूरा नरसिंहपुर जिला और परिवार भगवान से यही प्रार्थना कर रहा है कि दोनों बच्चे बिल्कुल स्वस्थ रहें।