रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: विंध्य में पहुंचने से पहले पकड़ी गई 8 सील पैक पिस्टलों की खेप, दो हथियार तस्कर गिरफ्तार
- रीवा पुलिस ने दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया।
- आरोपियों से 8 नई सील पैक पिस्टल बरामद हुईं।
- हथियार धार और खरगोन से लाए गए थे।
Crime News MP : रीवा पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे गिरोह पर शिकंजा कसा है, जो कथित तौर पर पूरे विंध्य क्षेत्र में हथियार पहुंचाने की तैयारी में था। चोरहटा थाना पुलिस और विशेष टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 8 नई और सील पैक पिस्टल, मैगजीन और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि अगर यह खेप अपराधियों तक पहुंच जाती, तो क्षेत्र में गंभीर वारदातों का खतरा बढ़ सकता था।
मुखबिर की सूचना बनी कार्रवाई की सबसे बड़ी कड़ी
पुलिस के अनुसार पूरी कार्रवाई मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर की गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरण सिंह के निर्देश पर चोरहटा थाना पुलिस और विशेष टीम ने संदिग्धों की घेराबंदी की। तलाशी के दौरान दोनों के कब्जे से नई और सील पैक पिस्टल बरामद हुईं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि हथियार पूरी तरह नए थे और अभी तक किसी आपराधिक घटना में इस्तेमाल नहीं किए गए थे।
यही वजह है कि पुलिस इस कार्रवाई को बड़ी सफलता मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते खेप जब्त होने से संभावित अपराधों को रोका जा सका।
धार और खरगोन से लाई गई थी हथियारों की खेप
प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि अवैध हथियार मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिलों से लाए गए थे। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन हथियारों की खरीद किस नेटवर्क के जरिए हुई और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
पुलिस के मुताबिक इस खेप की सप्लाई रीवा के अलावा सतना, सीधी, सिंगरौली और विंध्य क्षेत्र के अन्य इलाकों में सक्रिय अपराधियों तक किए जाने की तैयारी थी। इसी एंगल से अब पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान रोशन गुप्ता और मोहम्मद अंसारी के रूप में की है। अधिकारियों के अनुसार दोनों के खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक एक आरोपी पर 9 जबकि दूसरे पर 13 तक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
यही कारण है कि पुलिस अब केवल हथियार बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह का संपर्क किन-किन जिलों और अपराधियों से रहा है।
अब पूरे नेटवर्क की होगी जांच
जांच एजेंसियों का फोकस अब उन लोगों तक पहुंचने पर है, जो इस अवैध कारोबार से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इससे पहले इस गिरोह ने कितनी बार हथियारों की सप्लाई की, किन रास्तों का इस्तेमाल किया गया और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।
