नरसिंहपुर में मासूम से दरिंदगी और हत्या का सनसनीखेज मामला: रातभर चले सर्च ऑपरेशन के बाद आरोपी गिरफ्तार
Narsinghpur latest news : नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ स्कूल से लौट रही एक आठ साल की मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर जंगल ले जाया गया और दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने त्वरित और साहसिक कार्रवाई करते हुए महज कुछ घंटों के भीतर ही आरोपी को धर दबोचा है।
स्कूल से लापता हुई थी मासूम
बीते 5 अगस्त 2026 को गोटेगांव थाना क्षेत्र के एक गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक आठ साल की बालिका स्कूल से घर वापस नहीं लौटी। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची स्कूल से यह कहकर निकली थी कि उसके पिता ने उसे बुलाया है। जब काफी देर तक वह घर नहीं पहुंची तो परिवार के लोगों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहाँ उसकी तलाश शुरू की।
कड़ी मशक्कत के बाद भी जब बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने झौतेश्वर पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना किसी देरी के कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी और बच्ची की खोजबीन के लिए टीमों का गठन किया।
पुलिस अधीक्षक ने खुद संभाली कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने स्वयं कमान अपने हाथ में ली। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया समेत कई वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस बल के साथ-साथ सैकड़ों ग्रामीण भी बच्ची की तलाश में जुट गए।
रात के अंधेरे में चलाए गए इस व्यापक सर्च ऑपरेशन में आधुनिक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया गया। डॉग स्क्वॉड, तकनीकी सर्विलांस टीम और वैज्ञानिक संसाधनों की मदद से जंगल, झाड़ियों और खेतों के चप्पे-चप्पे की छानबीन की गई। करीब सात से आठ घंटे चले इस मैराथन ऑपरेशन के बाद गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर घने जंगल में एक झाड़ी के पास बच्ची का शव बरामद हुआ।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों की बारीकी से जांच के लिए तुरंत एफएसएल और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की टीमों को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने मौके से महत्वपूर्ण फिंगरप्रिंट और वैज्ञानिक सबूत एकत्रित किए। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि मासूम के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और विरोध करने पर उसकी निर्ममता से हत्या कर दी गई।
पुलिस की शुरुआती पड़ताल के अनुसार यह जघन्य अपराध दोपहर दो बजे से साढ़े तीन बजे के बीच अंजाम दिया गया था। स्कूल के शिक्षकों और अन्य लोगों से पूछताछ के दौरान यह अहम जानकारी मिली कि बच्ची को आखिरी बार 'अन्नू' नाम के व्यक्ति के साथ देखा गया था। एक अन्य गवाह ने भी लाल शर्ट पहने एक शख्स को मोटरसाइकिल पर बच्ची को ले जाते हुए देखा था।
शातिर आरोपी निकला गांव का ही निवासी
गहन तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र से मिली जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान अनिल यादव के रूप में हुई, जो उसी गांव का रहने वाला है। हैरानी की बात यह है कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी कुछ समय तक ग्रामीणों के साथ मिलकर खुद भी बच्ची को खोजने का नाटक कर रहा था ताकि किसी को उस पर शक न हो।

जैसे ही पुलिस का शिकंजा कसा और आरोपी को पकड़ने के लिए घेराबंदी की गई, उसने मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस टीम की सतर्कता के चलते उसे ग्राम के पास वाले जंगल से दबोच लिया गया। पुलिस की पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी पैरवी
इस गंभीर मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। नरसिंहपुर पुलिस प्रशासन ने इस मामले को चिन्हित जघन्य और सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में रखा है।
इसकी आगे की जांच एसआईटी की निगरानी में पूरी की जाएगी ताकि जल्द से जल्द न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जा सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए मजबूत पैरवी की जाएगी।
