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सिवनी हत्याकांड का खुलासा! पत्नी के साथ आपत्तिजनक हालत में देखने का आरोप, खेत में मिले शव की खुली पूरी कहानी

Seoni News Today : छपारा थाना पुलिस के मुताबिक जूनापानी बंजर गांव के मामले में तीन आरोपी हत्या में पकड़े गए। जांच में गौवंश वध का मामला भी खुला और सात लोग जेल भेजे गए।
Seoni News Today

Mp Big News ,Seoni News Today : सिवनी जिले के छपारा थाना क्षेत्र में मक्के के खेत से मिले शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। 14 सितंबर को जूनापानी बंजर गांव के पास वीरनलाल इनवाती का शव मिला था। शव मच्छरदानी में लिपटा था, इसलिए मामला शुरू से ही संदिग्ध लग रहा था।

पुलिस के मुताबिक यह हादसा नहीं, हत्या थी। गला दबाने और सिर पर चोट के निशान इसकी पुष्टि करते हैं। जांच आगे बढ़ी तो एक और मामला सामने आया। मृतक और आरोपी कुछ दिन पहले एक साथ गौवंश काटकर मांस बेचने में शामिल थे।

अब तक तीन आरोपी हत्या के मामले में गिरफ्तार हुए हैं। गौवंश वध के मामले में सात लोग जेल भेजे जा चुके हैं और दो अब भी फरार हैं। पुलिस का दावा है कि हत्या की वजह निजी रंजिश थी। मुख्य आरोपी दसराम उइके ने पूछताछ में क्या बताया और शव को कैसे ठिकाने लगाया गया, यह पूरी कहानी नीचे पढ़िए।

पुलिस ने हत्या की क्या वजह बताई

पुलिस के अनुसार दसराम उइके ने पूछताछ में बताया कि बड़गा के दिन उसने घनश्याम उइके, रमेश मर्सकोले और वीरनलाल के साथ रमेश के खेत में गौवंश काटा था। चारों ने उसका मांस गांव में बेचा।दसराम के मन में वीरनलाल को लेकर पहले से गुस्सा था। पुलिस के मुताबिक कुछ दिन पहले दसराम ने वीरनलाल को अपनी पत्नी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। पुलिस इसी को हत्या की मुख्य वजह मान रही है।

11 सितंबर को क्या हुआ

पुलिस के मुताबिक 11 सितंबर को वीरनलाल मांस लेकर खेत की मेढ़ से अकेला घर लौट रहा था। तभी दसराम ने पीछे से धक्का देकर उसे गिरा दिया। दोनों में हाथापाई हुई। इसके बाद दसराम ने वीरनलाल को जमीन पर पटका और हाथों से उसका गला दबा दिया। हत्या के बाद दसराम ने रमेश और घनश्याम को मौके पर बुलाया। पुलिस के अनुसार तीनों ने मिलकर शव को खेत के कुएं में फेंक दिया।

कुएं से निकालकर दोबारा छिपाया शव

दो दिन बाद शव पानी में ऊपर उतराने लगा। पुलिस के अनुसार आरोपियों को पकड़े जाने का डर हुआ और उन्होंने शव को कुएं से बाहर निकाला। उन्होंने शव को मच्छरदानी में बांधा और नाले के किनारे फेंक दिया। फिर ऊपर से सूखे सागौन के पत्ते डालकर उसे छिपाने की कोशिश की। आखिरकार 14 सितंबर को शव मक्के के खेत में मिला और पुलिस जांच शुरू हुई।

गौवंश वध में सात गिरफ्तार, दो फरार

जांच के दौरान गौवंश वध का मामला भी खुला। इस मामले में पुलिस ने दसराम, घनश्याम और रमेश के साथ असरु उइके, धनीराम धुर्वे, कमलसिंग परते और राकेश उइके को गिरफ्तार किया है। सभी सात आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक दो आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।