Umaria News Today । मध्य प्रदेश के
उमरिया जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने आ रहे किसानों को इन दिनों भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोठिया के 'चंसुरा' केंद्र और सेवा सहकारी समिति 'उमरिया बकेली' केंद्र पर अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। भीषण गर्मी के इस मौसम में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए न तो पीने के साफ पानी का इंतजाम है और न ही बैठने के लिए छांव या टेंट की व्यवस्था की गई है। इस बदहाली के कारण दूर-दूर से ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आ रहे किसान भूखे-प्यासे घंटो इंतजार करने को मजबूर हैं। किसान सीधे तौर पर केंद्र के प्रबंधक नागेंद्र मिश्रा पर लापरवाही और ढर्रेशाही रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जिला प्रशासन ने जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
गायब रहते हैं प्रबंधक और ऑपरेटर, किसान हो रहे परेशान
उपार्जन केंद्रों पर पहुंचे स्थानीय किसानों का कहना है कि यहां का पूरा सिस्टम भगवान भरोसे चल रहा है। केंद्रों से न केवल प्रबंधक नागेंद्र मिश्रा अक्सर गायब रहते हैं, बल्कि कंप्यूटर ऑपरेटर भी अपनी सीट पर नियमित रूप से मौजूद नहीं मिलते। इसके चलते गेहूं की एंट्री कराने और तौल पर्ची कटवाने के लिए किसानों को पूरा-पूरा दिन लाइन में खड़े होकर बिताना पड़ता है। कई बार तो तकनीकी दिक्कतों का बहाना बनाकर किसानों को वापस लौटा दिया जाता है, जिससे उनकी लागत और परेशानी दोनों दोगुनी हो रही है।
बारदाने का संकट, कड़कती धूप में खुले में पड़ा है अनाज
सफाई और छांव की कमी के साथ-साथ इन केंद्रों पर बारदाने (गेहूं भरने वाले जूट के बोरे) की भारी किल्लत देखी जा रही है। बारदाना समय पर न मिलने के कारण खरीदी का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई किसान अपना गेहूं लेकर पिछले दो-तीन दिनों से केंद्र पर डेरा डाले हुए हैं। खुले आसमान के नीचे पड़े इस अनाज पर मौसम की मार का भी खतरा लगातार मंडरा रहा है। किसानों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी समिति प्रबंधन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
कलेक्टर राखी सहाय के आदेशों की सरेआम धज्जियां
हैरानी की बात यह है कि उमरिया जिला कलेक्टर राखी सहाय ने गेहूं खरीदी शुरू होने से पहले ही सभी उपार्जन केंद्रों को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की थी। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी उपार्जन केंद्र पर किसानों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हर केंद्र पर शुद्ध पेयजल, बैठने के लिए टेंट-कुर्सी, ओआरएस के पैकेट और छांव की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा था। इसके बावजूद चंसुरा और उमरिया बकेली केंद्रों के जमीनी हालात बताते हैं कि जिम्मेदार अधिकारी प्रशासनिक आदेशों को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं।
होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरे मामले को लेकर जब शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचीं, मामले की पुष्टि करते हुए संबंधित अधिकारियों ने आधिकारिक बयान में कहा है कि उपार्जन केंद्रों पर बदहाली और प्रबंधक की लापरवाही की शिकायतें हमें मिली हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आते ही दोषी प्रबंधक और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।