मैहर में दर्दनाक सड़क हादसा: अमरपाटन नेशनल हाईवे-30 पर तेज रफ्तार ट्रक ने बस को मारी जोरदार टक्कर
Madhya Pradesh Highway Accidents: अरे भइया, सड़क पर चलते वक्त थोड़ा संभल कर चलना बहुत जरूरी है। मामला मध्य प्रदेश के मैहर जिले का है, जहां सोमवार को अमरपाटन इलाके में नेशनल हाईवे-30 पर एक खतरनाक सड़क हादसा हो गया। रीवा से नागपुर की तरफ जा रही विजयंत ट्रैवल्स की एक बस सड़क के किनारे सवारी उतारने के लिए रुकी ही थी कि पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
हादसा इतना भयानक था कि बस के पिछले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। बस में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए आगे आ गए और पुलिस को घटना की जानकारी दी। आनन-फानन में राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गया और घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल भेजा गया।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विजयंत ट्रैवल्स की यह बस रीवा से नागपुर की लंबी दूरी तय कर रही थी। अमरपाटन के पड़हा क्षेत्र के पास जब बस चालक ने यात्रियों को उतारने के लिए गाड़ी रोकी, तो पीछे से आ रहे ट्रक के ड्राइवर को शायद इसका अंदाजा नहीं हुआ या फिर ट्रक की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह नियंत्रण नहीं रख पाया। बताया जा रहा है कि यह ट्रक मिर्जापुर से गुजरात की ओर जा रहा था।
इस दर्दनाक हादसे में घायल होने वाले अधिकांश यात्री रीवा, मऊगंज और मैहर जिले के ही रहने वाले हैं। संजय गांधी अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम इन सभी घायलों का इलाज कर रही है। कुछ यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
घटना की खबर मिलते ही अमरपाटन पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। दुर्घटना के तुरंत बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया था, जिससे आने-जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और दुर्घटनाग्रस्त बस और ट्रक को क्रेन की मदद से हटवाकर हाईवे पर यातायात को सुचारू रूप से चालू कराया।
पुलिस ने दोनों वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आ रही है कि ट्रक की तेज रफ्तार और आगे चल रहे वाहन से उचित दूरी न रखना इस हादसे की मुख्य वजह हो सकती है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने के बाद ही दुर्घटना के असली कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा।
