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डेढ़ करोड़ के सोने की चोरी का राज खुला, छह दिन में पुलिस ने दो पारदी बदमाश दबोचे

Guna crime news today

  • फतेहगढ़ थाने के चक चुरेला गांव में 2-3 अगस्त की रात हुई थी चोरी
  • बदमाश तिजोरी सहित सोना, चांदी, नकदी और मोटरसाइकिल ले गए थे
  • एसपी हितिका वासल की अगुवाई में कई टीमों ने की जांच

Guna crime news today : मध्य प्रदेश के गुना जिले में घर से तिजोरी समेत करोड़ों रुपये के जेवर और नकदी चोरी होने के मामले ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी थी। फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चक चुरेला में हुई इस वारदात का पुलिस ने छह दिन के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 985.150 ग्राम सोने के जेवर बरामद किए हैं। बरामद सोने की बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 47 लाख 77 हजार 250 रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, वारदात में चोरी गए अन्य सामान और मामले में शामिल फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है।

मामले की खास बात यह रही कि जिस ग्रामीण इलाके में चोरी हुई, वहां पुलिस को CCTV फुटेज का सहारा नहीं मिल सका। इसके बावजूद जांच टीम ने फोरेंसिक साक्ष्यों, डॉग स्क्वाड, तकनीकी इनपुट और मुखबिर तंत्र को साथ लेकर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने मध्य प्रदेश के कई जिलों के साथ राजस्थान के कुछ इलाकों में भी संभावित ठिकानों पर दबिश दी।

तिजोरी ही उठाकर ले गए थे बदमाश

पुलिस के अनुसार, चक चुरेला निवासी बाबूलाल मीना के घर में रात के समय चोरी हुई थी। बदमाश घर में रखी तिजोरी को ही उठाकर ले गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक तिजोरी में बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य सामान रखा था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चोरी हुए सामान में लगभग 2 से 2.5 किलो सोने के गहने, करीब 3 किलो चांदी, ₹11.50 लाख नकद और एक मोटरसाइकिल शामिल थी। हालांकि, अब तक पुलिस की कार्रवाई में 985.150 ग्राम सोने के गहने ही बरामद हो पाए हैं इसलिए, बरामद सामान की तुलना कुल चोरी हुए सामान से करना सही नहीं होगा।

यही वजह है कि पुलिस की अगली चुनौती सिर्फ गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियों को यह भी पता लगाना है कि चोरी का बाकी सामान कहां गया और वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

CCTV नहीं था, फिर कैसे पहुंची पुलिस आरोपियों तक

इस केस में सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण इलाके में CCTV कैमरों की अनुपलब्धता थी। आमतौर पर बड़ी चोरी के मामलों में पुलिस को आसपास लगे कैमरों से वाहन, संदिग्ध व्यक्ति या उनके आने-जाने का रास्ता पता चल जाता है। चक चुरेला मामले में यह रास्ता उपलब्ध नहीं था।

ऐसे में जांच को दूसरे स्तर पर आगे बढ़ाया गया। पुलिस ने फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड और मुखबिर तंत्र की मदद ली। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संभावित गतिविधियों को जोड़ने की कोशिश की गई। इसके बाद जांच का दायरा गुना से बाहर भी बढ़ाया गया।

यहां पुलिस की रणनीति का एक अहम हिस्सा यह भी रहा कि संदिग्धों के संभावित ठिकानों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया। इससे जांच एक ही स्थान तक सीमित नहीं रही।

11 जिलों से राजस्थान तक पुलिस की तलाश

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के नेतृत्व में जांच को आगे बढ़ाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस टीमों ने गुना, शिवपुरी, विदिशा, उज्जैन, रतलाम, इंदौर और भोपाल समेत कई जिलों में संभावित ठिकानों पर दबिश दी।

जांच की कड़ियां राजस्थान तक भी पहुंचीं। पुलिस ने कोटा, झालावाड़, बारां और छाबड़ा सहित संभावित स्थानों पर तलाश की। इस तरह मामला एक गांव में हुई चोरी से आगे बढ़कर अंतर-जिला और अंतर-राज्यीय जांच का रूप ले गया।

पुलिस की यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में हुई बड़ी चोरी के बाद आरोपी अलग-अलग स्थानों पर छिपने की कोशिश कर सकते थे। ऐसे में लगातार स्थान बदलकर तलाश करना जांच टीम के लिए चुनौतीपूर्ण रहा होगा।

8 अगस्त को दो आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस ने 8 अगस्त 2026 को धरनावदा थाना क्षेत्र के कनेरा निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू पुत्र कवस्या पारदी, उम्र 35 वर्ष, और गजानंद पुत्र देवला पारदी, उम्र 48 वर्ष के रूप में बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की और उनकी निशानदेही पर चोरी के सोने के जेवर बरामद किए गए। हालांकि, कानूनी तौर पर किसी आरोपी की भूमिका और दोष का अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होता है।

मामले में अन्य आरोपियों के फरार होने की बात भी सामने आई है। पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उनकी तलाश कर रही हैं।

करीब डेढ़ करोड़ का सोना बरामद

इस कार्रवाई का सबसे बड़ा परिणाम सोने की बरामदगी है। पुलिस ने 985.150 ग्राम सोने के जेवर बरामद किए हैं। इनकी बाजार कीमत करीब ₹1,47,77,250 बताई गई है।

यह आंकड़ा अपने आप में बड़ा है, लेकिन पूरे चोरी गए माल की तुलना में अभी बरामदगी पूरी नहीं मानी जा सकती। शुरुआती विवरण में सोने के अलावा चांदी और नकदी चोरी होने की बात सामने आई थी। इसलिए जांच का अगला महत्वपूर्ण चरण बाकी सामान की बरामदगी और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी है।

पुलिस के सामने अब दो बड़ी चुनौतियां

पहली चुनौती मामले में शामिल बाकी आरोपियों तक पहुंचना है। पुलिस की जांच यदि आगे बढ़ती है तो यह स्पष्ट हो सकता है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और चोरी का माल किस तरह अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाया गया।

दूसरी चुनौती बरामदगी का विस्तार है। करीब 1.47 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की बरामदगी के बाद अब पुलिस के सामने चांदी, नकदी, मोटरसाइकिल और चोरी किए गए अन्य सामान की स्थिति स्पष्ट करने का सवाल है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह पता चलेगा कि बरामद माल चोरी गए कुल सामान का कितना हिस्सा है और बाकी संपत्ति कहां है।