बालाघाट में दर्दनाक हादसा: कान्हा के पास गांव में घर से महिला को उठा ले गया बाघ, इलाज के दौरान मौत, इलाके में दहशत
Madhya Pradesh News : बालाघाट जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। कान्हा नेशनल पार्क के पास स्थित एक गांव में देर रात एक बाघ घर में घुस आया और सो रही महिला पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि बाघ महिला को सिर से दबोचकर करीब 300 मीटर तक जंगल की ओर खींच ले गया।
परिवार और ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ महिला को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया, लेकिन तब तक महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लेकर आई है कि जंगल से लगे गांवों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। पिछले कुछ समय से मध्य प्रदेश के कई वन क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव की घटनाएं बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
जानकारी के मुताबिक यह घटना बालाघाट जिले के पर्रापुर बैगाटोला गांव की है। यह गांव कान्हा नेशनल पार्क की खपा रेंज के अंतर्गत आता है और जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित है।
रविवार तड़के करीब 1:30 बजे सुगनी बाई धुरवे अपनी झोपड़ी में सो रही थीं। इसी दौरान एक बाघ गांव में पहुंच गया। किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला और बाघ महिला को सिर से पकड़कर जंगल की ओर ले जाने लगा।
परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत बाहर निकले। कई लोग मशाल और टॉर्च लेकर बाघ के पीछे दौड़े। ग्रामीणों के शोर और हलचल से घबराकर बाघ महिला को छोड़कर जंगल में भाग गया।
ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत बैहर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया।
इस घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि रात होते ही लोग अब घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
सिजोरा बफर जोन के सहायक निदेशक आशीष पांडे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने बताया कि प्रभावित परिवार को शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही इलाके में निगरानी बढ़ाई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार गांव के आसपास पिंजरा लगाने, गश्त बढ़ाने और वन अमले की अतिरिक्त टीम तैनात करने की तैयारी की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। मर्ग कायम कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
