मध्य प्रदेश विधानसभा में 19,287 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश 23 फरवरी को होगी चर्चा
मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा में 19,287 करोड़ रुपये का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया, जिसमें कर्ज ब्याज, सिंचाई, ऊर्जा, सड़क, जल जीवन मिशन और कौशल विकास पर प्रावधान शामिल हैं।
Madhya Pradesh supplementary budget : भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार ने तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में 19,287.32 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा। इस अतिरिक्त बजट में कर्ज के ब्याज भुगतान, सिंचाई परियोजनाओं, ऊर्जा कंपनियों की वित्तीय जरूरतों, पुलिस आधुनिकीकरण और सामाजिक योजनाओं के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस पर चर्चा के लिए 23 फरवरी की तिथि निर्धारित की है।
यह अनुपूरक बजट मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार के अनुसार, यह राशि पहले से स्वीकृत बजट से अलग है और विशेष मदों में बढ़ी जरूरतों को संबोधित करेगी।
कर्ज के ब्याज भुगतान पर 1,810 करोड़ रुपये
अनुपूरक बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा राज्य के ऋण दायित्वों को पूरा करने के लिए निर्धारित किया गया है। सरकार ने कुल 1,810 करोड़ रुपये कर्ज के ब्याज भुगतान के लिए प्रस्तावित किए हैं।
इसमें 950 करोड़ रुपये नए बाजार ऋण के ब्याज भुगतान के लिए और 700 करोड़ रुपये पुराने ऋण प्रबंधन पर खर्च किए जाएंगे। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, समय पर ब्याज भुगतान से राज्य की वित्तीय साख और उधारी प्रबंधन संतुलित रखने में मदद मिलती है।
पुलिस आधुनिकीकरण का प्रावधान
राज्य सरकार ने पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें 13 करोड़ रुपये केंद्रांश मद से मशीनरी और संयंत्र के निर्माण के लिए और 8.78 करोड़ रुपये राज्यांश से उपकरण खरीदने के लिए निर्धारित किए गए हैं।
इसके अलावा वाणिज्यिक कर विभाग में विभिन्न मदों के अंतर्गत 1,388 करोड़ रुपये के अंतरण का प्रस्ताव है। श्रम विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के लिए 615 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को लाभ मिलेगा।
निवेश प्रोत्साहन और ऊर्जा क्षेत्र को समर्थन
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के तहत निवेश प्रोत्साहन योजना के लिए 1,150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता जताई गई है, जिसे अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। यह कदम राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा है।
ऊर्जा विभाग के अंतर्गत राज्य ऊर्जा कंपनियों को अल्पकालीन ऋण मद में 2,630 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। ऊर्जा कंपनियों की कार्यशील पूंजी की जरूरतों को देखते हुए यह प्रावधान किया गया है, ताकि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित न हो।
जल जीवन मिशन और जनजातीय क्षेत्र पर ध्यान
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन और नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वॉटर मिशन के सामान्य क्षेत्र के लिए 183 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता बताई है। यह राशि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए उपयोग होगी।
अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत 69 करोड़ रुपये का प्रावधान भी इस अनुपूरक बजट में किया गया है, जिससे जनजातीय बहुल क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिल सके।
सड़क, भू-अर्जन और सिंचाई परियोजनाओं को बड़ी राशि
लोक निर्माण विभाग ने सड़कों, पुलों और पुलियों के निर्माण तथा भू-अर्जन मुआवजे के लिए 1,337 करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई है। इसके अलावा ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के निर्माण के लिए 225 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
नर्मदा घाटी विकास विभाग के तहत विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के लिए 4,700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इनमें बरगी नहर योजना, इंदिरा सागर परियोजना यूनिट-2, ओंकारेश्वर परियोजना और अन्य सिंचाई योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को स्थायी जल उपलब्ध कराना है।
केन-बेतवा लिंक और कौशल विकास
अनुपूरक बजट में केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए राज्यांश के रूप में 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यह परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संसाधन संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार कार्यक्रमों के लिए 720 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण और औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास में सहायता मिलेगी।













