नरसिंहपुर एनएच-44 पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 50 लाख का गांजा बरामद – Madhya Pradesh Police
नरसिंहपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर पुलिस ने 152 किलोग्राम गांजा और पिकअप वाहन जब्त कर अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया, आरोपी गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
Madhya Pradesh Police : मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कामयाबी हासिल की है। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर की गई कार्रवाई में 152 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। यह खेप छत्तीसगढ़ से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही थी। इस कार्रवाई ने एक अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की कड़ी को उजागर कर दिया है और पुलिस की सतर्कता को भी सामने रखा है।
यह पूरी कार्रवाई नरसिंहपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “OPERATION EAGLE CLAW” के तहत की गई। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी, सूचना तंत्र और चेकिंग अभियान तेज किए गए हैं। हाल की यह जब्ती उसी रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर घेराबंदी और सटीक कार्रवाई
पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन के जरिए भारी मात्रा में गांजा झांसी की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी के नेतृत्व में कोतवाली थाना की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर नाकेबंदी की योजना बनाई।
रात के समय तेज रफ्तार से आ रहे एक संदिग्ध पिकअप वाहन को चिन्हित किया गया। पुलिस ने वाहन का पीछा कर कपूरी तिराहे के आगे उसे रोक लिया। वाहन का नंबर सीजी 06 एम 0931 बताया गया है। शुरुआती जांच में वाहन सामान्य माल ढुलाई जैसा लग रहा था, लेकिन जब बारीकी से तलाशी ली गई तो असली तस्वीर सामने आई।
खाली कैरेटों के बीच छिपा था मादक पदार्थ
तलाशी के दौरान पिकअप में बड़ी संख्या में खाली कैरेट रखे हुए थे। देखने में यह सामान साधारण माल जैसा लग रहा था। लेकिन पुलिस टीम ने कैरेटों को हटाकर जांच की तो उनके बीच बोरी में भरा गांजा बरामद हुआ।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार तस्करों ने बड़ी चालाकी से मादक पदार्थ को इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच में पकड़ में न आए। हर बोरी को अलग-अलग पैक कर कैरेटों के बीच रखा गया था। कुल मिलाकर 152 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
छत्तीसगढ़ से उत्तर प्रदेश तक फैला नेटवर्क
वाहन चालक ने पूछताछ में अपना नाम रोहित सिंह निवम, निवासी ग्वालियर बताया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह यह गांजा छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से झांसी ले जा रहा था। उसने यह भी बताया कि यह काम वाहन मालिक बंटी सोनी के कहने पर किया जा रहा था।
यह खुलासा महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे साफ होता है कि तस्करी का नेटवर्क एक राज्य तक सीमित नहीं है। छत्तीसगढ़ से उत्तर प्रदेश तक मादक पदार्थ पहुंचाने के लिए मध्य प्रदेश के रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
इस मामले में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 (ख) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन और साजिश से संबंधित हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
पुलिस ने गांजा और पिकअप वाहन दोनों को जब्त कर लिया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है।
जिले में नशे के खिलाफ सख्त रुख
नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में चल रहे अभियान का उद्देश्य जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी सिर्फ कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक समस्या भी है।
ऑपरेशन के पीछे टीमवर्क
इस पूरी कार्रवाई में थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक गौरव चांटे सहित कई पुलिसकर्मियों की भूमिका रही। टीम ने सटीक सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए बिना किसी देरी के वाहन को पकड़ा। वाहन का नंबर सीजी 06 एम 0931 बताया गया है। शुरुआती जांच में वाहन सामान्य माल ढुलाई जैसा लग रहा था, लेकिन जब बारीकी से तलाशी ली गई













