मध्यप्रदेश में आदिवासी क्षेत्रों के लिए नई योजनाएं, सीएम मोहन यादव का एलान
- शहडोल में नई तहसील और बायपास सड़क का प्रस्ताव
- स्वास्थ्य और पर्यटन सुविधाओं को मजबूत करने की योजना
- 747 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का ऐलान
Mohan Yadav announcement : मध्यप्रदेश के शहडोल जिले से राज्य सरकार ने विकास की दिशा में एक साफ और ठोस संदेश दिया है। ब्यौहारी क्षेत्र से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई घोषणाओं ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में प्रशासनिक सुविधाओं से लेकर स्वास्थ्य, सड़क, और पर्यटन तक बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। यह सिर्फ योजनाओं की घोषणा नहीं है, बल्कि उन इलाकों पर फोकस है जो लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे थे।
माता शबरी जयंती के अवसर पर आयोजित जनजातीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने मंच से जो फैसले साझा किए, वे सीधे तौर पर आदिवासी समाज, ग्रामीण आबादी और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़े हुए हैं। नई तहसील, बायपास सड़क, अस्पताल, और धार्मिक व वन्यजीव पर्यटन से जुड़े प्रस्ताव इस बात को दिखाते हैं कि सरकार विकास को एक साथ कई स्तरों पर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
सीतामढ़ी धाम से दिया गया विकास का संदेश
रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहडोल जिले की ब्यौहारी विधानसभा के ग्राम गंधिया पहुंचे। यह वही स्थान है जहां सीतामढ़ी धाम स्थित है और जिसे माता शबरी से जोड़ा जाता है। जनजातीय हितग्राही सम्मेलन में शामिल होने के साथ मुख्यमंत्री ने माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण किया और श्रद्धा अर्पित की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि माता शबरी का जीवन आदिवासी समाज की आस्था, धैर्य और आत्मसम्मान का प्रतीक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ इमारतें बनाना नहीं, बल्कि समाज के उस वर्ग तक सुविधाएं पहुंचाना है, जो विकास की दौड़ में अक्सर पीछे रह जाता है।
नई तहसील और प्रशासनिक सुविधा पर जोर
मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि ब्यौहारी और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासनिक कामकाज को आसान बनाने के लिए नई तहसील के गठन की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को राजस्व, भूमि रिकॉर्ड और सरकारी सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। यह फैसला खासतौर पर ग्रामीण और आदिवासी आबादी के लिए राहत देने वाला माना जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, नई तहसील बनने से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और शिकायतों का निपटारा भी स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगा।
बायपास सड़क और यातायात सुधार की योजना
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में बायपास सड़क के निर्माण की भी घोषणा की। इसका उद्देश्य भारी वाहनों को कस्बों और बाजारों से बाहर निकालना है, ताकि ट्रैफिक जाम कम हो और सड़क सुरक्षा बेहतर हो सके। बायपास बनने से न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि व्यापार और परिवहन को भी गति मिलेगी।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि बायपास सड़क से आसपास के गांव सीधे राज्य और राष्ट्रीय मार्गों से जुड़ पाएंगे, जिससे कृषि उत्पादों और स्थानीय कारोबार को नए बाजार मिल सकेंगे।
स्वास्थ्य सुविधाओं में होगा बड़ा सुधार
शहडोल जिले के लिए एक और अहम घोषणा स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र में अस्पताल और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। नए स्वास्थ्य केंद्रों के साथ मौजूदा अस्पतालों में संसाधन बढ़ाने की योजना है।
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आदिवासी और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अक्सर इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने से समय पर इलाज संभव हो सकेगा।
धार्मिक और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा
सरकार ने राम वन गमन पथ से जुड़े स्थलों के विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 1450 किलोमीटर लंबे राम वन गमन मार्ग को विकसित किया जा रहा है, जिसमें चित्रकूट के साथ सीतामढ़ी और गंधिया जैसे स्थल भी शामिल हैं।
मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान इस क्षेत्र में समय बिताया था। इन स्थलों के विकास से धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा देने की योजना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक गतिविधियां भी मजबूत होंगी।
747 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने शहडोल जिले के लिए कुल 747 करोड़ 91 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं में सड़क, भवन, पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े काम शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्रीय असंतुलन को कम करना और दूरदराज के इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को मौके पर सहायता राशि और स्वीकृति पत्र भी दिए गए।
जनजातीय समाज पर खास फोकस
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनजातीय समाज का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। पीएम जन-मन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत पहले से चल रहे कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इन योजनाओं से गांवों में सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा जैसी सुविधाएं बेहतर हुई हैं।
"जनजातीय वर्ग का समग्र कल्याण प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में है"
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज शहडोल जिले के ग्राम गंधिया में आयोजित कार्यक्रम में 747 करोड़ 91 लाख रुपए की लागत के 139 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।
देखें, झलकियां…@DrMohanYadav51… pic.twitter.com/NDukqjKW1E
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) February 8, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि जनजातीय नायकों और उनके संघर्ष को अब शिक्षा प्रणाली में शामिल किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास और पहचान से जुड़ सके।
शहडोल क्षेत्र के लिए क्या मायने रखती हैं ये घोषणाएं
नई तहसील, बायपास, अस्पताल और पर्यटन योजनाएं मिलकर शहडोल और ब्यौहारी क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती हैं। इन फैसलों से प्रशासनिक सुविधा, रोजगार, स्वास्थ्य और आवागमन सभी क्षेत्रों में असर दिखने की उम्मीद है।













