Latest Big News

एमपी में कृषि मंत्रियों का बड़ा मंथन,सीहोर में 9 राज्यों के कृषि मंत्री, किसानों को बोनस और टैक्स राहत

MP Agriculture Ministers Meeting : यह खबर मध्य प्रदेश से देशभर के किसानों और कृषि नीति से जुड़े लोगों के लिए खास है। जब खेती, तकनीक और सरकार एक मंच पर आती हैं, तब फैसले सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खेतों तक असर दिखाते हैं। शनिवार को मध्य प्रदेश में ऐसा ही एक बड़ा आयोजन हो रहा है,

जहां नौ राज्यों के कृषि मंत्री, किसान, बीज उत्पादक और उद्योग जगत के लोग एक साथ दालों के भविष्य पर चर्चा करेंगे। इसका सीधा मकसद है किसानों की आय बढ़ाना, देश को दालों में आत्मनिर्भर बनाना और पोषण सुरक्षा को मजबूत करना।

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में आयोजित यह कार्यक्रम तीन दिवसीय 17वें ग्रेनेक्स इंडिया एक्सपो का अहम हिस्सा है। आज इसका दूसरा दिन है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण मंथन आज ही होने जा रहा है। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सम्मेलन में ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे प्रमुख कृषि राज्यों के मंत्री शामिल हो रहे हैं। इनके साथ देशभर से किसान प्रतिनिधि, किसान उत्पादक संगठन और बीज उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे।

इस सम्मेलन का केंद्र बिंदु है “दालों में आत्मनिर्भर भारत, समृद्ध किसान और पोषित राष्ट्र”। भारत में दालें रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा हैं, लेकिन बढ़ती आबादी के कारण उत्पादन और मांग के बीच अंतर बना रहता है। इसी वजह से देश को कई बार आयात पर निर्भर होना पड़ता है। सम्मेलन में इसी चुनौती पर चर्चा होगी कि कैसे दालों का उत्पादन बढ़ाया जाए, किसानों को बेहतर दाम मिले और देश की पोषण जरूरतें घरेलू उत्पादन से पूरी हों।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री और विशेषज्ञ खेतों का भ्रमण भी करेंगे। किसानों से सीधे संवाद होगा ताकि नीतियां जमीन की सच्चाई के आधार पर बन सकें। इसके साथ ही खेती से जुड़ी कई नई और आधुनिक सुविधाओं की शुरुआत भी की जाएगी, जिनका लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा। सरकार का जोर केवल घोषणाओं पर नहीं, बल्कि तकनीक और निवेश के जरिए खेती को मजबूत बनाने पर है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

यह आयोजन ऐसे समय हो रहा है, जब मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2026 को किसानों के कल्याण और आर्थिक समृद्धि के साल के रूप में मनाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले वर्षों में कृषि और किसान सरकार की प्राथमिकता में रहेंगे। ग्रेनेक्स इंडिया एक्सपो इसी नीति का उदाहरण माना जा रहा है।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने इस तीन दिवसीय एक्सपो का औपचारिक उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित की गई है। यहां दाल, अनाज और मसालों के प्रसंस्करण से जुड़ी आधुनिक मशीनों और तकनीकों को प्रदर्शित किया गया है। देश और विदेश की करीब 200 कंपनियां इसमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें भारत के साथ-साथ चीन, ब्रिटेन, तुर्की और ताइवान की कंपनियां भी शामिल हैं।

एक्सपो में ऐसी मशीनें दिखाई जा रही हैं जो रोबोट और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग पर आधारित हैं। ये मशीनें दाल बनाने से लेकर अनाज की पहचान, ग्रेडिंग, मसाला निर्माण और पैकिंग तक का काम कर सकती हैं। आटा और मैदा प्लांट, पोहा मिल और अन्य फूड प्रोसेसिंग उद्योगों से जुड़ी तकनीकें भी यहां मौजूद हैं। इसका उद्देश्य यह दिखाना है कि आधुनिक तकनीक के जरिए खेती और उससे जुड़े उद्योगों को कैसे ज्यादा लाभकारी बनाया जा सकता है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मुख्यमंत्री ने दाल मिलर्स, व्यापारियों और मशीन निर्माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन किसानों और उद्योग दोनों के लिए जरूरी हैं। मंच से ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने मंडी टैक्स में छूट का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि तुअर दाल पर टैक्स पहले ही हटाया जा चुका है और आगे अन्य दलहनों पर भी टैक्स हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

किसानों के लिए एक अहम घोषणा उड़द और मसूर की खेती को लेकर की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए इन फसलों के किसानों को भी बोनस देगी। इससे किसानों को बेहतर प्रोत्साहन मिलेगा और वे दालों की खेती की ओर ज्यादा आकर्षित होंगे। सरकार का मानना है कि उत्पादन बढ़ने से आयात पर निर्भरता कम होगी और किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी।

उद्योग जगत को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निवेश के लिए पूरा सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि जो भी उद्योगपति मध्य प्रदेश में उद्योग लगाना चाहते हैं, सरकार जमीन, मशीन और बाजार तक पहुंच में मदद करेगी। श्रम आधारित उद्योगों को प्रति श्रमिक आर्थिक सहायता देने की योजना का भी जिक्र किया गया। सरकार का संदेश साफ है कि खेती, उद्योग और रोजगार तीनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाएगा।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

कुल मिलाकर, सीहोर में हो रहा यह सम्मेलन और ग्रेनेक्स इंडिया एक्सपो केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि कृषि नीति, तकनीक और निवेश का साझा मंच है। यहां लिए गए फैसलों का असर आने वाले समय में किसानों की आमदनी, दालों के उत्पादन और देश की खाद्य सुरक्षा पर साफ तौर पर दिखाई दे सकता है।

Alok Singh

मेरा नाम आलोक सिंह है मैं भगवान नरसिंह की नगरी नरसिंहपुर से हूं ।और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में आया था ।मुझे पत्रकारिता मैं इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया का 20 वर्ष का अनुभव है खबरों को प्रमाणिकता के साथ लिखने के हुनर में माहिर हूं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *