एमपी बोर्ड 10वीं परीक्षा 2026 आज से शुरू, एग्जाम हॉल में जाने से पहले ये नियम जान लें
MP Board 10th Exam 2026 : मध्य प्रदेश में आज से 10वीं बोर्ड की परीक्षा शुरू हो रही है। लाखों छात्र-छात्राएं कई महीनों की तैयारी के बाद अब परीक्षा कक्ष में बैठने जा रहे हैं। ऐसे में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि परीक्षा से जुड़े नियमों की सही जानकारी भी बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए परीक्षा केंद्र पहुंचने से पहले कुछ अहम बातों को जान लेना जरूरी है।
इस साल माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित 10वीं बोर्ड परीक्षा में करीब 9 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। राज्यभर में 3000 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा 13 फरवरी 2026 से शुरू होकर 6 मार्च 2026 तक चलेगी। प्रशासन ने नकल रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं।
परीक्षा का समय और एंट्री नियम
10वीं बोर्ड की परीक्षाएं रोज सुबह 9 बजे शुरू होंगी। छात्रों को सुबह 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य है। बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, 8:30 बजे के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेष परिस्थिति में अधिकतम 8:45 बजे तक ही एंट्री मिल सकती है। इसके बाद परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा।
पहला पेपर उर्दू विषय का है, जबकि अंतिम पेपर 6 मार्च 2026 को हिंदी विषय का होगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें ताकि किसी तरह की हड़बड़ी से बचा जा सके।
एडमिट कार्ड ले जाना अनिवार्य
परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए प्रवेश पत्र यानी एडमिट कार्ड सबसे जरूरी दस्तावेज है। बिना एडमिट कार्ड किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए घर से निकलने से पहले एडमिट कार्ड जरूर जांच लें।
एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र का नाम, रोल नंबर और विषय की जानकारी होती है। यदि किसी छात्र को इसमें कोई त्रुटि नजर आती है तो तुरंत स्कूल या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए।
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह प्रतिबंधित
परीक्षा केंद्र के भीतर किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना सख्त मना है। इसमें मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर या अन्य डिजिटल गैजेट शामिल हैं। यदि किसी छात्र के पास ऐसा उपकरण पाया जाता है तो उसे परीक्षा से बाहर किया जा सकता है और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह नियम लागू किया गया है। छात्रों को केवल आवश्यक स्टेशनरी और अनुमति प्राप्त सामग्री ही साथ ले जानी चाहिए।
निर्धारित सीट पर ही बैठना होगा
परीक्षा केंद्र पर प्रत्येक छात्र के लिए सीट पहले से तय होती है। रोल नंबर के अनुसार ही बैठने की व्यवस्था की गई है। इसलिए परीक्षा कक्ष में पहुंचकर अपनी सीट की जानकारी पहले ले लें और उसी स्थान पर बैठें। गलत सीट पर बैठने से उत्तर पुस्तिका में गड़बड़ी हो सकती है, जिससे परिणाम पर असर पड़ सकता है। इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखें।
नकल पर सख्त कार्रवाई
नकल रोकने के लिए इस बार सख्त कदम उठाए गए हैं। यदि कोई छात्र नकल करते हुए या संदिग्ध सामग्री के साथ पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ बोर्ड नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इससे परीक्षा रद्द होने जैसी स्थिति भी बन सकती है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे पूरी ईमानदारी के साथ परीक्षा दें। अपने साथ किसी भी तरह की पर्ची, नोट्स या संदिग्ध सामग्री न रखें।
सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी
परीक्षा केंद्रों की निगरानी इस बार और भी सख्त होगी। कई केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। संवेदनशील केंद्रों पर ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी। भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से कुछ खास केंद्रों की सीधी मॉनिटरिंग की जाएगी।
प्रश्नपत्रों को पुलिस थाने से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया की भी वीडियोग्राफी की जाएगी। हर जिले में चार-चार स्क्वॉड टीमें बनाई गई हैं, जो औचक निरीक्षण कर नकल की कोशिशों पर नजर रखेंगी।
परीक्षा केंद्र के बाहर भी सख्ती
परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में भीड़ लगाने पर रोक रहेगी। संवेदनशील केंद्रों के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्रावधान लागू किए गए हैं। प्रशासन ने अभिभावकों और आम लोगों से सहयोग की अपील की है।













