फरवरी 2026 में लाड़ली बहना योजना की 33वीं किस्त, जानें किसे मिलेगा पैसा और किसे नहीं
MP Ladli Behna Yojana update : मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अब सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का अहम सहारा बन चुकी है। हर महीने खाते में आने वाली तय रकम से लाखों महिलाएं घर का राशन, बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और छोटे-मोटे खर्चों को संभाल पा रही हैं। इसी बीच फरवरी 2026 में आने वाली योजना की 33वीं किस्त को लेकर महिलाओं के मन में कई सवाल उठ रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार सभी को पैसे मिलेंगे या कुछ महिलाओं की किस्त रुक सकती है। हालिया अपडेट बताते हैं कि इस बार हर लाभार्थी को राशि नहीं मिलेगी, क्योंकि सरकार ने पात्रता सूची में बदलाव किए हैं।
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जनवरी 2023 में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। अब तक 32 किस्तों में सरकार 48 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि महिलाओं तक पहुंचा चुकी है। जनवरी 2026 में जारी हुई 32वीं किस्त के दौरान करीब एक करोड़ पच्चीस लाख महिलाओं को 1836 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। यही वजह है कि फरवरी की अगली किस्त को लेकर उम्मीदें भी बड़ी हैं और चिंता भी।
33वीं किस्त की संभावित तारीख पर नजर डालें तो सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि योजना के नियमों के अनुसार राशि आमतौर पर हर महीने की पहली से दसवीं तारीख के बीच खातों में भेज दी जाती है। कई बार प्रशासनिक या तकनीकी कारणों से कुछ दिनों की देरी हो जाती है। मौजूदा संकेतों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि फरवरी 2026 की किस्त 10 से 15 फरवरी के बीच जारी हो सकती है। लेकिन जब तक सरकार की तरफ से तारीख की पुष्टि नहीं होती, तब तक इसे अनुमान ही माना जाएगा।
इस बार चर्चा में आने की सबसे बड़ी वजह यह है कि हाल के महीनों में लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन कराया गया है। इस जांच के दौरान पाया गया कि कुछ महिलाएं अब योजना की शर्तों पर खरी नहीं उतरतीं। ऐसे मामलों में उनके नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं। सबसे अहम कारण उम्र सीमा से जुड़ा हुआ है। लाड़ली बहना योजना में लाभ पाने के लिए महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। जिन महिलाओं की उम्र फरवरी 2026 तक 60 साल या उससे ज्यादा हो चुकी है, उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया है। उम्र सीमा पार करते ही किस्त अपने आप बंद हो जाती है।
आय से जुड़ी शर्तें भी कई महिलाओं के लिए परेशानी का कारण बनी हैं। योजना के तहत परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम होना जरूरी है। इस आय की गणना में सिर्फ महिला की नहीं, बल्कि पति, बच्चों और परिवार के अन्य कमाने वाले सदस्यों की कमाई भी जोड़ी जाती है। अगर जांच में यह सामने आता है कि परिवार की कुल आय तय सीमा से ज्यादा है, तो महिला को अपात्र मान लिया जाता है। इसके अलावा यदि परिवार का कोई भी सदस्य इनकम टैक्स भरता है, तो उस परिवार की महिला को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता।
सरकारी नौकरी और पेंशन से जुड़े नियम भी सख्त हैं। अगर परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है या सरकारी पेंशन ले रहा है, तो उस स्थिति में महिला का नाम लाभार्थी सूची से हटाया जा सकता है। सरकार का तर्क है कि योजना का लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों तक ही सीमित रहना चाहिए।
कुछ मामलों में किस्त रुकने की वजह तकनीकी भी हो सकती है। कई महिलाओं का आधार कार्ड अभी तक बैंक खाते से लिंक नहीं है। कुछ ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की है या फिर सत्यापन के दौरान उनकी जानकारी में गड़बड़ी पाई गई है। ऐसे कारणों से भी फरवरी की 33वीं किस्त उनके खाते में नहीं आ पाएगी। अच्छी बात यह है कि इन समस्याओं को समय रहते ठीक किया जाए तो अगली किस्तों में लाभ फिर से शुरू हो सकता है।
अगर आप यह जानना चाहती हैं कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं, तो इसके लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है। सरकार ने ऑनलाइन जांच की सुविधा दी है, जिससे महिलाएं घर बैठे स्थिति देख सकती हैं। इसके लिए योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाना होता है। वहां मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी के जरिए लॉगिन किया जाता है। लॉगिन के बाद लाभार्थी सूची या फाइनल लिस्ट का विकल्प दिखाई देता है। यहां से जिला, पंचायत या वार्ड चुनकर पूरी सूची देखी जा सकती है और अपना नाम खोजा जा सकता है। अगर नाम सूची में मौजूद है तो किस्त मिलने की संभावना बनी रहती है। अगर नाम नहीं दिखता, तो नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, जन सेवा केंद्र या स्थानीय कार्यालय में संपर्क कर वजह पता की जा सकती है।
सरकार का कहना है कि लाड़ली बहना योजना का मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े, यह सुनिश्चित करना है। भविष्य में योजना की राशि बढ़ाने की बात भी कई बार सामने आ चुकी है, लेकिन फिलहाल हर पात्र महिला को 1500 रुपये प्रति माह ही दिए जा रहे हैं। अगर किसी महिला की किस्त रुक गई है, तो उसे घबराने की बजाय जल्द से जल्द अपनी पात्रता और दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए, ताकि आगे चलकर किसी तरह की परेशानी न हो।












