MP News : वॉइस मैसेज से व्यापारी से 10 करोड़ की मांग, मिली जान से मारने की धमकी
MP News : मध्य प्रदेश के अशोकनगर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने न केवल स्थानीय व्यापार जगत बल्कि पूरे पुलिस महकमे को सतर्क कर दिया है। जिले के एक जाने-माने व्यापारी को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी वॉइस मैसेज के जरिए दी गई और रकम चुकाने के लिए दो दिन की समय-सीमा बताई गई। घटना के बाद सुरक्षा और साइबर अपराधों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, अशोकनगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी अंकित अग्रवाल को एक ऑडियो संदेश मिला। संदेश में खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताते हुए आरोपी ने 10 करोड़ रुपये की मांग की। साथ ही चेतावनी दी गई कि तय समय में रकम नहीं दी गई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
बताया जा रहा है कि धमकी देने वाले ने व्यापारी की संपत्ति और परिवार से जुड़ी कुछ निजी जानकारियों का भी जिक्र किया, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया। पुलिस के अनुसार, संदेश भेजने वाले ने खुद को गैंग के सदस्य “हरि बॉक्सर” के नाम से परिचित कराया।
व्यापारी कौन हैं
अंकित अग्रवाल अशोकनगर में प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े हैं। इसके अलावा वे ट्रैक्टर शोरूम और पेट्रोल पंप के भी संचालक बताए जाते हैं। स्थानीय स्तर पर उनका नाम एक स्थापित कारोबारी के रूप में लिया जाता है। ऐसे में इस तरह की धमकी ने शहर में चिंता का माहौल बना दिया है।
धमकी मिलने के बाद अग्रवाल ने तुरंत कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को वॉइस मैसेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य सौंपे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर सेल को जांच में लगाया है। वॉइस मैसेज किस नंबर से भेजा गया, उसका स्रोत क्या है, कॉल इंटरनेट आधारित थी या किसी अन्य माध्यम से की गई इन सभी पहलुओं की तकनीकी जांच की जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने प्रारंभिक बयान में कहा है कि कई बार अपराधी संगठित गैंग के नाम का इस्तेमाल कर लोगों में डर पैदा करते हैं। इसलिए यह भी जांच का विषय है कि संदेश वास्तव में किसी बड़े गैंग से जुड़ा है या किसी स्थानीय व्यक्ति द्वारा डराने की कोशिश की गई है।
पुलिस डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से ऑडियो की जांच कर रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आईपी एड्रेस और संभावित लोकेशन ट्रैकिंग जैसे तकनीकी पहलुओं पर भी काम किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर राज्य की विशेष जांच एजेंसियों से सहयोग लिया जा सकता है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम क्यों चर्चा में रहता है
लॉरेंस बिश्नोई का नाम पिछले कुछ वर्षों में कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सामने आया है। यह गैंग देश के अलग-अलग हिस्सों में रंगदारी, धमकी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा बताया जाता रहा है। हालांकि हर मामले में सीधे गैंग की संलिप्तता साबित नहीं होती, लेकिन नाम का इस्तेमाल भर से ही लोगों में भय का माहौल बन जाता है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार, कई बार अपराधी बड़े गैंग का नाम लेकर खुद को प्रभावशाली दिखाने की कोशिश करते हैं ताकि सामने वाला व्यक्ति बिना जांच-पड़ताल के डर जाए और रकम दे दे। इसलिए ऐसे मामलों में तथ्यों की पुष्टि बेहद जरूरी होती है।
व्यापारियों में बढ़ी चिंता
अशोकनगर और आसपास के क्षेत्रों में इस घटना के बाद व्यापारी वर्ग में बेचैनी देखी जा रही है। कई व्यापारियों ने निजी सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा को लेकर आपस में चर्चा शुरू की है। व्यापार संगठनों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और मामले की जल्द जांच की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी बड़े गैंग का नाम लेकर इस तरह की धमकी दी जा रही है, तो यह कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है। वहीं पुलिस का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है और दोषियों को जल्द पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
साइबर माध्यम से बढ़ती धमकियों का ट्रेंड
पिछले कुछ समय में फिरौती और धमकी से जुड़े मामलों में डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बढ़ा है। व्हाट्सऐप कॉल, वॉइस नोट, इंटरनेट कॉलिंग ऐप और फर्जी सिम कार्ड के जरिए अपराधी अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं।













