MP News Today : जमीन के पट्टे के लिए मांगी थी 1 लाख की रिश्वत, महिला पटवारी गिरफ्तार
इंदौर लोकायुक्त की टीम ने सरदारपुर में बिछाया जाल, एक लाख रुपये की मांग करने वाली महिला पटवारी 5 हजार की पहली किस्त लेते पकड़ी गई।
MP News Today : मध्यप्रदेश में सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस का अभियान निरंतर जारी है। ताजा मामला धार जिले की सरदारपुर तहसील से सामने आया है, जहां इंदौर लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार, 13 मार्च को एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया। आरोपी महिला पटवारी ने एक ग्रामीण से उसकी जमीन का पट्टा जारी करने के बदले में एक लाख रुपये की मांग की थी।
पट्टे के बदले एक लाख की मांग
यह पूरी कार्रवाई भानगढ़ ग्राम पंचायत के रहने वाले आवेदक लक्ष्मण कुमावत की शिकायत पर हुई। लक्ष्मण ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया था कि ग्राम कुमारिया खेड़ी में उसके मकान के पीछे स्थित खाली जमीन पर उसका लंबे समय से कब्जा है। इस जमीन का पट्टा अपने नाम करवाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जब वह महिला पटवारी भारती राजपूत के पास पहुंचा, तो पटवारी ने काम के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी।
लोकायुक्त टीम ने ऐसे बिछाया जाल
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त की टीम ने पहले आरोपों की पुष्टि की। पुष्टि होने के बाद योजना के अनुसार, शुक्रवार को लक्ष्मण को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये लेकर पटवारी भारती राजपूत के पास भेजा गया। जैसे ही महिला पटवारी ने आवेदक से केमिकल युक्त नोटों की गड्डी स्वीकार की, वहां पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगेहाथों दबोच लिया। लोकायुक्त पुलिस ने तत्काल पटवारी के हाथ धुलवाए, जिससे उनके हाथों का रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त निरीक्षक आशुतोष मिठास ने जानकारी दी कि आरोपी महिला पटवारी भारती राजपूत के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। विभाग अब आरोपी के सेवा रिकॉर्ड और संपत्ति की भी जांच कर सकता है।
इस पूरी कार्रवाई में कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, आदित्य सिंह भदौरिया, पवन पटोरिया, मनीष माथुर, कृष्णा अहिरवार और महिला आरक्षक भारती बागोरा सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई
मध्य प्रदेश में हाल के समय में लोकायुक्त और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा रिश्वतखोरी के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद कई स्थानों से सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच कर सख्त कार्रवाई की जाती है।











