एमपी पुलिस फिजिकल टेस्ट की तारीखें घोषित, 23 फरवरी से 10 शहरों में शुरू होगी परीक्षा
MP Police Physical Test Date 2026 : मध्यप्रदेश के हजारों युवाओं के लिए वर्दी पहनने का रास्ता अब बिल्कुल साफ हो गया है। लंबे समय से इस भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने खुशखबरी दी है। प्रदेश में 7500 पुलिस आरक्षक पदों पर होने वाली भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी फिजिकल टेस्ट की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है।
यह उन सभी अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ा मौका है जिन्होंने लिखित परीक्षा में अपनी योग्यता साबित की है। अब उनकी शारीरिक क्षमता और मेहनत को परखने का समय आ गया है। इस परीक्षा के माध्यम से न केवल प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि हजारों परिवारों का भविष्य भी संवरेगा।
फिजिकल टेस्ट का पूरा शेड्यूल और महत्वपूर्ण तारीखें
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने पुलिस आरक्षक (जीडी) भर्ती के दूसरे चरण के लिए पूरी तैयारी कर ली है। विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, शारीरिक दक्षता परीक्षा 23 फरवरी 2026 से शुरू होकर 13 मार्च 2026 तक चलेगी।
यह करीब 19 दिनों का समय होगा जिसमें सफल उम्मीदवार अपनी दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक की क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। हालांकि, इस बीच उम्मीदवारों को कुछ तारीखों का विशेष ध्यान रखना होगा। प्रशासन ने 2 मार्च, 3 मार्च और 8 मार्च 2026 को परीक्षा का अवकाश घोषित किया है। इन तीन दिनों में कोई भी फिजिकल टेस्ट आयोजित नहीं किया जाएगा।
परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय के पाबंद रहें। फिजिकल टेस्ट की प्रक्रिया हर दिन सुबह 6:00 बजे से शुरू हो जाएगी। जल्दी शुरुआत करने का मकसद यह है कि धूप तेज होने से पहले उम्मीदवार अपनी शारीरिक गतिविधियां आसानी से पूरी कर सकें।
उम्मीदवारों को उनके एडमिट कार्ड के माध्यम से यह पता चलेगा कि उन्हें किस दिन और किस शहर के परीक्षा केंद्र पर पहुंचना है। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए अभ्यर्थियों को मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर रखनी चाहिए।
इन 10 शहरों में बनाए गए हैं परीक्षा केंद्र
पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए मध्यप्रदेश के 10 प्रमुख शहरों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों का चयन इस तरह किया गया है ताकि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले उम्मीदवारों को ज्यादा परेशानी न हो। भोपाल में यह परीक्षा लाल परेड ग्राउंड, जहांगीराबाद में होगी, जबकि इंदौर के लिए माउंटेड ट्रूप डिपार्टमेंट (MTD) ग्राउंड को चुना गया है। जबलपुर में 6वीं वाहिनी विसबल परेड ग्राउंड और ग्वालियर में 14वीं वाहिनी विसबल परेड ग्राउंड पर टेस्ट लिए जाएंगे।

उज्जैन के महानंदा एरीना ग्राउंड और सागर के शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज ग्राउंड पर भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आने की उम्मीद है। इसके अलावा रीवा, बालाघाट, रतलाम और मुरैना के निर्धारित पुलिस और कॉलेज मैदानों को भी इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए तैयार किया गया है। हर केंद्र पर सुरक्षा और उम्मीदवारों की सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मध्यप्रदेश पुलिस विभाग इस बार भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर बेहद गंभीर है। परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए 10 डीआईजी (DIG) स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग केंद्रों का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इनकी निगरानी में पूरी चयन प्रक्रिया संपन्न होगी।
इसके साथ ही प्रशासन ने 3 वाहिनी के सेनानियों को मुख्य समिति का सदस्य बनाया है और 9 अन्य सेनानियों को केंद्र प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती यह दर्शाती है कि विभाग इस भर्ती को लेकर कितना सतर्क है।
विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि एक बार जो तिथि और स्थान किसी उम्मीदवार को आवंटित कर दिया गया है, उसमें किसी भी परिस्थिति में बदलाव नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों को उसी निर्धारित समय और स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यदि कोई अभ्यर्थी अपने तय समय पर नहीं पहुंचता है, तो उसे दूसरा मौका मिलना मुश्किल होगा। इसलिए अपनी यात्रा और रहने की व्यवस्था पहले से ही कर लेना समझदारी होगी।
आधार e-KYC और जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन
शारीरिक दक्षता परीक्षा के साथ-साथ उम्मीदवारों के दस्तावेजों का सत्यापन भी उसी दिन किया जाएगा। इस बार सबसे महत्वपूर्ण बदलाव आधार e-KYC सत्यापन को लेकर है। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक मिलान किया जाएगा।
उम्मीदवारों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपना मूल (ओरिजिनल) आधार कार्ड साथ लेकर आएं। कई बार उम्मीदवार अपना बायोमेट्रिक लॉक कर देते हैं, जिससे सत्यापन में दिक्कत आती है। अभ्यर्थियों को सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका बायोमेट्रिक अनलॉक हो ताकि वहां किसी तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े।
दस्तावेजों की बात करें तो केवल आधार कार्ड ही काफी नहीं है। उम्मीदवारों को अपने सभी शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, मूल निवासी प्रमाण-पत्र और अन्य संबंधित दस्तावेजों के ओरिजिनल सेट के साथ उनकी स्वयं प्रमाणित (Self-attested) फोटोकॉपी का एक पूरा सेट भी लाना होगा। दस्तावेजों में कोई भी कमी होने पर उम्मीदवार की पात्रता रद्द की जा सकती है। यह प्रक्रिया केवल एक टेस्ट नहीं है, बल्कि आपके धैर्य और अनुशासन की भी परीक्षा है।













