मेले में पुलिस की दबंगई: नाश्ते के पैसे पर दुकानदार को घसीटा,न्याय की तलाश में भटकता परिवार
Narsinghpur Today News : मध्य प्रदेश में पुलिस की छवि पहले ही सवालों में है, लेकिन नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील की बाबई चीचली से आई यह घटना भरोसे की आख़िरी दीवार भी गिरा देती है। पंचकुटी यज्ञ मेले की भीड़ में, जहां आस्था और रोज़गार साथ चलते हैं, वहीं वर्दी ने कानून नहीं, दहशत दिखाई। नाश्ते के पैसे मांगने पर जो हुआ, वह किसी अपराधी के साथ नहीं, एक दुकानदार परिवार के साथ हुआऔर वह भी खुलेआम।
नाश्ते के पैसे से शुरू हुआ झगड़ा, वर्दी ने खोया संयम
बताया जा रहा है कि चीचली थाने के आरक्षक और एक एसआई ने नाश्ते के पैसे मांगने पर विवाद खड़ा किया। बात इतनी बढ़ी कि पुलिसकर्मी सीधे दुकानदार अनिल कुमार कहार और उनके परिवार की दुकान में घुस गए। गालियां दी गईं, धक्का-मुक्की हुई और मेले की भारी भीड़ के बीच मारपीट कर घसीटा गया। यह सब किसी गली के कोने में नहीं, सार्वजनिक आयोजन में हुआ जहां हर कैमरा, हर आंख मौजूद थी।
मेले से थाने तक: 112 का गलत इस्तेमाल
कानून की गाड़ी 112 को मदद के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां उसे डर का औज़ार बनाया गया। दुकानदार को जबरन उठाकर थाने ले जाया गया। आरोप है कि थाने के भीतर मारपीट हुई, अपमान किया गया और जेब से पैसे व चांदी की चेन निकलवा ली गई। शारीरिक चोट के साथ मानसिक और आर्थिक नुकसान भी हुआ। सवाल यह है कि अगर यही कानून का चेहरा है, तो आम आदमी किससे फरियाद करे?
मेले में पुलिस की दबंगई pic.twitter.com/k7tP7gLMKZ
— mpbignews (@mpbignews) February 6, 2026
न्याय की तलाश में भटकता परिवार
पीड़ित परिवार आज भी कलेक्टर, एसपी और एसडीओपी के दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। शिकायतें दी गईं, बयान हुए, लेकिन कार्रवाई का नाम नहीं। पुलिस महकमे की आपसी ढाल ने मामले को दबाने की कोशिश की ऐसा आरोप परिवार का है। यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, यह उस सिस्टम का आईना है जो अपने लोगों को बचाने में तेज़ और पीड़ित को सुनने में सुस्त रहता है।











