एमपी के कई जिलों में बारिश की आहट, जानिए कब गिरेगा मावठा
मध्यप्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से बारिश और मावठा गिरने के संकेत हैं, जिससे तापमान गिरेगा और ठंड फिर बढ़ेगी, किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत।
MP Weather Today : मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट बदल रहा है जनवरी के आखिरी सप्ताह में ठंड के साथ-साथ बारिश होने का भी अनुमान मौसम विभाग ने लगाया है कई जिलों में सुबह शाम ठंडी हवाएं चल रही हैं आसमान में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं हल्की-हल्की फुहार भी महसूस हो रही है यही वजह है कि लोग जानना चाहते हैं कि आखिरकार मध्य प्रदेश के मौसम में ऐसा क्यों हो रहा है आने वाले दिनों में और क्या स्थिति बनेगी मठवा कब गिरेगा
आपको बता दें कि प्रदेश के कुछ दिनों से कई हिस्सों में मौसम आज तक नजर आ रहा है दिन में कहीं तेज धूप निकल रही है तो कहीं अचानक बादल छाए रहे हैं सुबह और रात के समय दो ठंडी हवाएं साफ महसूस की जा रही है कई शहरों में लोग फिर से गर्म कपड़े निकालने को मजबूर हो गए हैं मौसम विज्ञान को के अनुसार इस समय पश्चिम विकशॉप सक्रिय हो रहा है जिससे आम भाषा में अगर कहें तो वेस्टर्न डिस्टरबेंस कहा जाता है यही सिस्टम उत्तर भारत के साथ-साथ मध्य प्रदेश के मौसम पर भी असर डाल रहा है
वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक तरह का मौसमी तंत्र है जो भूमध्य सागर के आसपास बनता है और पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ता है जब यह हिमालय क्षेत्र उत्तर भारत तक पहुंचता है तो अपने साथ नामी लेकर आता है इसी नमी के कारण सर्दियों में बादल बनते हैं और बारिश के साथ बर्फबारी होती है
मध्य प्रदेश भले ही पहाड़ी राज्य नहीं है लेकिन यह सिस्टम यहां पहुंच कर भी अपना असर दिखाता है खासतौर पर जनवरी और फरवरी में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण हॉकी से मध्यम बारिश होती है यही बारिश खेती के लिहाज से भी काफी फायदेमंद होती है और अगर ज्यादा हो जाए तो नुकसानदायक भी साबित होती है
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दो-तीन दिनों में प्रदेश के कई संभागों में बादल और गहरी हो सकते हैं रीवा बुंदेलखंड ग्वालियर चंबल और आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना भी सबसे ज्यादा जताई जा रही है भोपाल इंदौर और उज्जैन संभाग में भी हल्की बारिश होने के संकेत मिले हैं
इसके साथ ही ग्वालियर मुरैना भिंड दतिया और शिवपुर जैसे जिलों में बादलों की आह जाहि रहेगी तो वही टीकमगढ़ निमाड़ी सागर पन्ना सतना और रीवा में भी मौसम का मिजाज बदलता हुआ देख सकता है इसके साथ ही राजधानी भोपाल में भी दिन भर धूप और बादलों के बीच आंख में चोली भी चल रही है
मौसम विभाग के अनुसार नया पश्चिमी विकशॉप 21 जनवरी की रात से उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू कर सकता है इसका असर मध्य प्रदेश में 23 जनवरी को साफ नजर आने लगेगा अनुमान है कि 23 से 25 के बीच कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है जिसके चलते ठंड बढ़ सकती है
आपको बता दे की मध्य प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है इसलिए मौसम में होने वाले हर बदलाव किसानों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं इस समय रवि की फसल खेतों में खड़ी है चना मसूर सरसों और गेहूं जैसी फैसले पकाने की अवस्था में आ रही है कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार हल्की बारिश कुछ फसलों के लिए तो फायदेमंद हो सकती है खासकर गेहूं के लिए लेकिन अगर बारिश ज्यादा है या ओले पड़े तो दलहन की और तिलहन की फसलों को नुकसान हो सकता है सरसों और चना जैसी फैसले ज्यादा नमी सहन नहीं कर पाती है इसलिए ऐसे में किस मौसम पर नजर बनाए हुए हैं
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जनवरी के आखिरी सप्ताह में यह बदलाव असामान्य नहीं है पिछले कुछ वर्षों में इसी तरह बारिश और ठंड का ऐसा दौर देखने को मिलता है इसे घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्क रहना आवश्यक है मौसम वैज्ञानिक होने किसानों को सलाह दी है की मौसम पूर्व अनुमान पर नजर रखें और अपनी फसल की कटाई या सिंचाई का फैसला सोच समझकर करें
मौसम विभाग के शुरुआती अनुमान के अनुसार यह ठंड और नामी भारत दौरा जनवरी के अंत तक रह सकता है फरवरी की शुरुआत में मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और दिन का तापमान भी बढ़ने लगेगी हालांकि रात की ठंड को समय तक बनी रह सकती है कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों में मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण है बादल हल्की बारिश और ठंड का यह मेल नशा मध्य प्रदेश को मौसम को सुहावना बना रहा है बल्कि खेतों और आम जनजीवन पर भी असर छोड़ रहा है












