सोडियम-आयन बैटरी से बदलेगा इलेक्ट्रिक कारों का खेल, Changan ने पेश की दुनिया की पहली मास-प्रोड्यूस्ड कार
Changan ने sodium-ion बैटरी रणनीति के साथ Nevo A06 पेश की, जो ठंडे मौसम में बेहतर परफॉर्मेंस, ज्यादा सुरक्षा और किफायती EV भविष्य की ओर इशारा करती है।
Sodium-ion battery electric vehicle : इलेक्ट्रिक वाहनों की दुनिया अब एक बड़े बदलाव के मोड़ पर खड़ी है। जहां अब तक पूरी EV इंडस्ट्री लिथियम-आयन बैटरी पर निर्भर थी, वहीं अब एक नई तकनीक इस एकतरफा निर्भरता को चुनौती दे रही है। चीन की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी Changan Automobile ने अपनी ग्लोबल sodium-ion बैटरी रणनीति को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है।
इसी घोषणा के साथ कंपनी ने Changan Nevo A06 को वैश्विक स्तर पर पेश किया, जिसे दुनिया की पहली ऐसी पैसेंजर कार बताया जा रहा है जो बड़े पैमाने पर उत्पादन में लाई गई है और sodium-ion बैटरी पर चलती है।
यह घोषणा केवल एक नई कार का लॉन्च नहीं है, बल्कि यह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऊर्जा भंडारण के भविष्य की दिशा को बदलने वाला कदम माना जा रहा है। मौजूदा समय में लिथियम-आधारित बैटरियां महंगी हैं, सीमित क्षेत्रों में उपलब्ध हैं और उनकी सप्लाई चेन वैश्विक राजनीति से प्रभावित होती रही है। ऐसे में सोडियम-आयन बैटरी एक व्यावहारिक और किफायती विकल्प के रूप में उभर रही है।
सोडियम, लिथियम के मुकाबले कहीं अधिक आसानी से उपलब्ध है। इसे समुद्री नमक और सामान्य खनिजों से निकाला जा सकता है, जिससे इसकी सप्लाई स्थिर रहती है और लागत कम करने में मदद मिलती है। Changan का मानना है कि यह तकनीक खासतौर पर उन बाजारों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, जहां EV को बड़े स्तर पर अपनाने में बैटरी की कीमत सबसे बड़ी बाधा रही है।
Changan Nevo A06 में 45 kWh क्षमता वाली sodium-ion बैटरी दी गई है, जिसे CATL ने तैयार किया है और इसे Naxtra सीरीज़ का हिस्सा बताया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, यह कार एक बार चार्ज करने पर 400 किलोमीटर से अधिक की ड्राइविंग रेंज देने में सक्षम है। यह आंकड़ा इसलिए भी अहम है क्योंकि अब तक सोडियम-आयन बैटरी को कम रेंज वाली तकनीक माना जाता रहा है। Nevo A06 इस धारणा को तोड़ती नजर आती है।
इस बैटरी में CATL की तीसरी पीढ़ी की Cell-to-Pack तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें बैटरी सेल्स को सीधे पैक में जोड़ा जाता है। इससे न केवल स्पेस की बचत होती है, बल्कि ऊर्जा घनत्व भी बेहतर होता है। कंपनी का दावा है कि इस बैटरी की सेल एनर्जी डेंसिटी 175 Wh/kg तक पहुंचती है, जो सोडियम-आयन टेक्नोलॉजी के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
ठंडे इलाकों में EV बैटरियों का प्रदर्शन हमेशा से एक चुनौती रहा है। इसी वजह से CATL और Changan ने इस बैटरी को बेहद कम तापमान वाले क्षेत्रों में टेस्ट किया। याकेशी जैसे अत्यधिक ठंडे इलाके में किए गए विंटर टेस्ट के दौरान बैटरी ने रेंज, सुरक्षा और कम तापमान में काम करने से जुड़े सभी जरूरी मानकों को पूरा किया। उपलब्ध डेटा के मुताबिक, माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तापमान पर इस बैटरी की डिस्चार्ज पावर, समान क्षमता वाली LFP बैटरी वाली कारों के मुकाबले लगभग तीन गुना ज्यादा पाई गई।
कंपनी का यह भी कहना है कि यह बैटरी माइनस 40 डिग्री सेल्सियस पर भी अपनी 90 प्रतिशत से ज्यादा क्षमता बनाए रखती है। यहां तक कि माइनस 50 डिग्री सेल्सियस जैसी बेहद कठिन परिस्थितियों में भी यह बैटरी स्थिर रूप से डिस्चार्ज करने में सक्षम रही। यह खासियत उन देशों और क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जहां सर्द मौसम के कारण EV अपनाने में अब तक दिक्कतें आती रही हैं।
सुरक्षा के मोर्चे पर भी Changan और CATL ने इस तकनीक को मजबूत बताने का दावा किया है। कंपनी के अनुसार, बैटरी को कई कड़े सेफ्टी टेस्ट से गुजारा गया, जिनमें अलग-अलग दिशाओं से दबाव डालना, इलेक्ट्रिक ड्रिल से छेद करना और पूरी तरह चार्ज अवस्था में बैटरी को काटना जैसे परीक्षण शामिल थे। इन सभी स्थितियों में न तो बैटरी से धुआं निकला, न आग लगी और न ही किसी तरह का विस्फोट हुआ। यहां तक कि बैटरी कट जाने के बाद भी उसका डिस्चार्ज व्यवहार सामान्य बना रहा।
ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि सोडियम-आयन बैटरी का बड़े पैमाने पर उत्पादन EV सेक्टर में लागत को कम कर सकता है और सप्लाई चेन के जोखिम को भी घटा सकता है। हालांकि, यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है और इसे वैश्विक स्तर पर अपनाने में समय लगेगा। फिर भी Changan Nevo A06 को इस दिशा में एक ठोस और व्यावहारिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
अगर आने वाले वर्षों में यह तकनीक अन्य मॉडलों और ब्रांड्स तक पहुंचती है, तो इलेक्ट्रिक वाहनों की दुनिया में एक नया संतुलन बन सकता है, जहां EV सिर्फ प्रीमियम विकल्प नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए भी सुलभ समाधान बन सके।













