मध्यप्रदेश में मौसम का बदलता मिजाज, इंदौर में स्कूल पहले जैसे चलेंगे, 9 फरवरी से नया सिस्टम होगा सक्रिय
मध्यप्रदेश में मौसम के बदलते हालात, इंदौर में स्कूलों का समय सामान्य, 9 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने के संकेत, ठंड और कोहरे का असर जारी।
Indore News : मध्यप्रदेश में फरवरी की शुरुआत के साथ ही मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। दिन में तेज धूप लोगों को हल्की गर्मी का एहसास करा रही है, जबकि रात और सुबह के समय कई जिलों में ठंड अब भी बनी हुई है। इसी बीच इंदौर के स्कूलों को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। ठंड के असर में कमी आने के बाद जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब स्कूलों का समय पहले की तरह ही रहेगा और किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क है, लेकिन यह स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी। 9 फरवरी के आसपास एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में देखने को मिल सकता है। इससे तापमान और मौसम की स्थिति में हल्का बदलाव आ सकता है।
दिन में धूप, रात में ठंड, दोहरा असर
मध्यप्रदेश में इस समय मौसम का दोहरा स्वरूप साफ नजर आ रहा है। दिन के समय आसमान साफ रहने और धूप निकलने की वजह से अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य या उससे थोड़ा ऊपर पहुंच गया है। दूसरी ओर, रात और तड़के सुबह के समय ठंड अब भी लोगों को परेशान कर रही है। कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे सर्दी का अहसास खत्म नहीं हुआ है।
पूर्वी मध्यप्रदेश के कई इलाकों में ठंड का असर पश्चिमी हिस्सों की तुलना में ज्यादा देखा जा रहा है। उमरिया जिला इस समय प्रदेश के सबसे ठंडे शहरों में शामिल है, जहां रात का तापमान काफी नीचे चला गया है। यही वजह है कि सुबह के समय कोहरा और नमी का असर भी दिखाई दे रहा है।
इंदौर में स्कूलों का समय सामान्य
पिछले कुछ दिनों से ठंड को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया था। हालांकि अब इंदौर में मौसम अपेक्षाकृत साफ और स्थिर होने के बाद कलेक्टर ने स्कूलों का टाइम टेबल पहले जैसा रखने का फैसला लिया है। इसका मतलब है कि अब कक्षाएं सामान्य दिनों की तरह ही लगेंगी। प्रशासन का मानना है कि फिलहाल ठंड का असर इतना नहीं है कि स्कूल समय में बदलाव की जरूरत पड़े।
9 फरवरी से बदलेगा मौसम का रुख
भोपाल स्थित मौसम केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, 9 फरवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकता है। इस सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने, हल्की ठंड बढ़ने या तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि इससे बारिश होगी या नहीं, लेकिन मौसम में बदलाव के संकेत जरूर मिल रहे हैं।
खजुराहो और रीवा में ज्यादा ठंड
पूर्वी मध्यप्रदेश के खजुराहो और रीवा में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से करीब 2.8 डिग्री कम है। इन इलाकों में रात और सुबह के समय ठंड ज्यादा महसूस की जा रही है। वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश के राजगढ़ और शिवपुरी में भी रात का तापमान करीब 9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो ठंड का संकेत देता है।
कोहरे से घट रही दृश्यता
प्रदेश के कुछ बड़े शहरों में सुबह के समय कोहरे का असर देखने को मिला है। भोपाल और उज्जैन में दृश्यता 1 से 2 किलोमीटर तक सिमट गई, जिससे सुबह के वक्त वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। बैतूल और उमरिया जैसे जिलों में दृश्यता अपेक्षाकृत बेहतर रही, जहां यह 10 से 20 किलोमीटर के आसपास दर्ज की गई। पचमढ़ी और रायसेन में नमी का स्तर 95 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे ठंड और कोहरे का असर और बढ़ गया।
प्रमुख शहरों का तापमान हाल
राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहा। इंदौर में दिन का तापमान 29 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रात में यह 11 डिग्री के आसपास रहा। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर, सतना और अन्य शहरों में भी दिन का तापमान सामान्य के करीब रहा, लेकिन रात की ठंड अब भी बनी हुई है।












