कातिल दोस्त की खौफनाक साजिश: गोलू को मारकर दफनाया, फिर उसके ही कुंडल पर बैंक से लिया ₹40,000 का लोन
- मलावर में 10 दिन से लापता गोलू वाल्मीकि की उसके ही दोस्त रघुवीर सौंधिया ने लालच में आकर हत्या कर दी।
- आरोपी रघुवीर ने गोलू की हत्या के बाद उसके कान से सोने के कुंडल निकाले और शव को गड्ढे में दफना दिया।
- शातिर आरोपी ने उन्हीं सोने के कुंडल को एयू (AU) बैंक में गिरवी रखकर ₹40,000 का लोन हासिल कर लिया।
- पुलिस की शुरुआती सुस्ती के बाद पीड़ित परिवार ने थक-हारकर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस एक्टिव हुई।
Madhya Pradesh Crime : मध्य प्रदेश के मलावर इलाके में इंसानियत और दोस्ती को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बीते दस दिनों से लापता गोलू वाल्मीकि की तलाश एक बेहद डरावने मोड़ पर जाकर खत्म हुई। जिस दोस्त रघुवीर सौंधिया के साथ गोलू को आखिरी बार देखा गया था, वही उसका असली कातिल निकला।
आरोपी रघुवीर ने न सिर्फ गोलू की जान ली, बल्कि उसके कान से सोने के कुंडल नोचकर उन्हें बैंक में गिरवी रख दिया और उस पर 40 हजार रुपये का कर्ज भी ले लिया। इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक गड्ढा खोदा, जहां से गोलू का कंकाल बरामद हुआ।
इस मामले में पुलिस की शुरुआती सुस्ती के बाद जब पीड़ित परिवार ने सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया, तब जाकर इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हो सका।
साथ में चराई बकरियां और फिर खेल गया खूनी खेल
यह पूरी वारदात बेहद सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई थी। घटना वाले दिन आरोपी रघुवीर सीधे गोलू के घर पहुंचा था। उसने गोलू के परिवार से पूछा कि क्या गोलू बकरियां चराने गया है? जैसे ही परिजनों ने बताया कि वह बकरियां चराने गया है, रघुवीर भी तुरंत उसी रास्ते पर निकल पड़ा।
शाम के वक्त बकरियां तो सुरक्षित घर लौट आईं, लेकिन गोलू का कोई अता-पता नहीं था। यह देखकर गोलू के परिवार वालों की चिंता बढ़ गई और वे उसकी तलाश में जुट गए। शक की सुई पहले ही दिन से रघुवीर पर थी क्योंकि कई लोगों ने दोनों को आखिरी बार साथ देखा था।
लेकिन आरोपी बेहद शातिर निकला। वह खुद पर से शक हटाने के लिए गोलू के परिजनों के साथ मिलकर उसे ढूंढने का नाटक करता रहा, ताकि किसी को जरा भी अंदाजा न हो कि गोलू अब इस दुनिया में नहीं है।
कत्ल के तुरंत बाद सोने के कुंडल लेकर बैंक पहुंचा शातिर हत्यारा
रघुवीर के दिमाग में सिर्फ कत्ल करने की साजिश नहीं थी, बल्कि वह गोलू के शरीर पर मौजूद सोने के आभूषणों पर नजर गड़ाए बैठा था। गोलू की बेरहमी से हत्या करने के बाद, उसने शव को ठिकाने लगाया और उसके कान से सोने की मुरकी (कुंडल) निकाल ली।
वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी सीधे एयू (AU) बैंक पहुंचा। उसने वहां गोल्ड लोन के लिए आवेदन किया और पुलिस जांच के मुताबिक, उन्हीं खून से सने कुंडल के बदले करीब 40 हजार रुपये का लोन पास करा लिया। आरोपी ने जिस ठंडे दिमाग से इस पूरी घटना की प्लानिंग की और कत्ल के तुरंत बाद बैंक जाकर पैसे ऐंठे, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया है।
पुलिस की ढिलाई और सीएम हेल्पलाइन का बड़ा एक्शन
गोलू के परिवार का आरोप है कि पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में शुरुआत में घोर लापरवाही दिखाई। परिजनों ने पुलिस को बार-बार बताया कि उन्हें रघुवीर पर पूरा शक है, लेकिन पुलिस ने उसे सामान्य पूछताछ के बाद छोड़ दिया और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
जब थाने से कोई मदद नहीं मिली, तो लाचार परिवार ने घटना के 8 दिन बाद ‘सीएम हेल्पलाइन’ पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। मुख्यमंत्री कार्यालय के दखल और ऊपर से मिले कड़े निर्देशों के बाद स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने आरोपी रघुवीर को दोबारा हिरासत में लिया और जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जो सच उगला उसे सुनकर पुलिस अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो गए।
फॉरेंसिक जांच के लिए भोपाल भेजा गया कंकाल
हत्या के 10 दिन बीत जाने के कारण पुलिस को मौके से गोलू का शव नहीं, बल्कि केवल उसका कंकाल ही मिला। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर दफनाए गए स्थान से कंकाल को बाहर निकाला है।
मौत के सही समय, तरीके और हत्या के पीछे की वैज्ञानिक कड़ियों को जोड़ने के लिए इस कंकाल को भोपाल स्थित फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि आरोपी को अदालत से सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।













