मध्य प्रदेश में 100 लाख टन गेहूं खरीदी के लक्ष्य में से आधा कोटा पूरासरकार ने 23 मई तक बढ़ाई तारीख

- मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि को 9 मई से बढ़ाकर 23 मई किया गया।
- राज्य सरकार ने इस साल कुल 100 लाख टन गेहूं खरीदने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है।
- अब तक करीब 9.09 लाख किसानों से 53.40 लाख टन से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है।
- फसल बेचने वाले किसानों को अब तक 9,525.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
- किसानों की सुविधा के लिए अब रात 10 बजे तक तौल पर्ची और रात 12 बजे तक देयक राशि जमा होगी।
MP Wheat Procurement Last Date : मध्य प्रदेश में किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की अंतिम तारीख को 9 मई से बढ़ाकर अब 23 मई कर दिया है। सरकार ने इस सीजन में कुल 100 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें से अब तक आधा कोटा पूरा हो चुका है।
खेतों से मंडियों तक अनाज पहुंचाने वाले किसानों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने तौल पर्ची बनाने और बिल पास करने की प्रक्रिया के समय में भी ढील दी है। अब तक राज्य के 9 लाख से अधिक किसान अपनी फसल बेच चुके हैं, जिन्हें सीधे उनके खातों में भुगतान किया जा रहा है।
आधे से ज्यादा का सफर तय, किसानों के खाते में पहुंचे पैसे
मध्य प्रदेश सरकार किसानों से तेजी से गेहूं की खरीदी कर रही है। इस साल कुल 19 लाख 4 हजार किसानों ने गेहूं बेचने के लिए अपना पंजीयन कराया था। इनमें से अब तक 9 लाख 9 हजार किसान मंडियों और उपार्जन केंद्रों पर पहुंचकर अपनी फसल बेच चुके हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 53.40 लाख टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, जो कि तय लक्ष्य का आधे से अधिक है। इस खरीद के बदले किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए प्रशासन ने अब तक 9525.70 करोड़ रुपये की राशि का सीधे बैंक खातों में भुगतान कर दिया है।
आखिर क्यों बढ़ानी पड़ी अंतिम तारीख?
गेहूं खरीदी की रफ्तार को बनाए रखने और उन किसानों को मौका देने के लिए जो किसी कारणवश अब तक अपनी फसल नहीं बेच पाए हैं, सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक, अब तक 14 लाख 81 हजार किसानों ने गेहूं बेचने के लिए अपना स्लॉट बुक कराया है।
बड़ी संख्या में बुकिंग और मंडियों में किसानों की कतारों को देखते हुए सरकार ने अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया है। अब किसान आगामी 23 मई तक आसानी से केंद्रों पर जाकर अपनी फसल बेच सकेंगे।
किसानों की सुविधा के लिए नियमों और समय में ढील
मंडियों में भीड़भाड़ कम करने और किसानों के समय की बचत के लिए सरकार ने रोज के कामकाजी घंटों में भी कुछ अहम बदलाव किए हैं। किसानों को अब देर शाम तक अपनी फसल तौलवाने की सुविधा मिलेगी।
पहले तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे तक ही निर्धारित था, जिसे अब बढ़ाकर रात 10 बजे तक कर दिया गया है। इसके अलावा, गेहूं उपार्जन का काम अब सोमवार से शनिवार तक लगातार किया जा रहा है। अधिकारियों को देयक राशि यानी बिल का डेटा सिस्टम में दर्ज करने के लिए भी रात 12 बजे तक का समय दिया गया है, ताकि किसानों के भुगतान में किसी तरह की देरी न हो।












