मुख्यमंत्री मोहन यादव के नरसिंहपुर दौरे की तैयारी तेज, प्रशासन ने अधिकारियों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारियां
Mohan Yadav Narsinghpur Visit : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के 13 मई को प्रस्तावित नरसिंहपुर दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम जिले के ग्राम मुंगवानी में “मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” के अंतर्गत आयोजित होना प्रस्तावित है।
कार्यक्रम के सुचारू संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न व्यवस्थाओं के समन्वय के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रजनी सिंह ने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए विस्तृत आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन का फोकस इस बार केवल कार्यक्रम आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि लाभार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह नागेश को पूरे कार्यक्रम का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार कार्यक्रम को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया को दी गई है, जबकि परिवहन व्यवस्था का दायित्व जिला परिवहन अधिकारी रवि बरेलिया संभालेंगे।
हेलीपैड निर्माण और सुरक्षा बैरिकेडिंग की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री अरविंद किटहा को दी गई है। वहीं मंच और बैठक व्यवस्था के लिए राजस्व एवं तकनीकी अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है।

मध्य प्रदेश सरकार की “मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” राज्य की प्रमुख महिला कल्याण योजनाओं में शामिल है। इस योजना के जरिए पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री के इस प्रस्तावित कार्यक्रम में हितग्राहियों को लाभ वितरण और आवेदन प्रक्रिया से जुड़े कार्य भी किए जाएंगे।
इसके लिए जिला शिक्षा केंद्र के डीपीसी मनीष चौकसे को आवेदन प्राप्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सामाजिक न्याय विभाग की उप संचालक अंजना त्रिपाठी को हितलाभ वितरण कार्य सौंपा गया है।
गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्थाओं को प्राथमिकता में रखा है। एम्बुलेंस और चिकित्सा सेवाओं की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनीष मिश्रा और सिविल सर्जन राजकुमार चौधरी को दी गई है।
पेयजल व्यवस्था का दायित्व पीएचई विभाग के अधिकारी आरएस ठाकुर संभालेंगे। वहीं शौचालय, साफ-सफाई और फायर ब्रिगेड जैसी व्यवस्थाओं के लिए डूडा और नगरीय प्रशासन की टीम को जिम्मेदारी दी गई है।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और स्थानीय प्रतिभाओं के सम्मान की भी तैयारी की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल कुशवाहा के नेतृत्व में यह गतिविधियां आयोजित होंगी। मंच संचालन की जिम्मेदारी शिक्षण संस्थानों से जुड़े अधिकारियों को दी गई है।
इसके अलावा मीडिया प्रबंधन, संचार व्यवस्था, वीआईपी प्रोटोकॉल और फूल-माला जैसी व्यवस्थाओं के लिए भी अलग-अलग अधिकारियों को तैनात किया गया है ताकि कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।
जिला प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर सभी विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और स्थानीय नागरिकों के शामिल होने की संभावना है, इसलिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।













