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MP Ladli Behna Yojana: बहनों के चेहरे पर फिर लौटेगी मुस्कान, 13 मई को मुख्यमंत्री मोहन यादव देंगे ₹1500 की बड़ी सौगात

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 मई को नरसिंहपुर के मुंगवानी से ट्रांसफर करेंगे लाड़ली बहना की 36वीं किस्त।
  • प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में भेजी जाएगी ₹1500 की आर्थिक सहायता राशि।
  • गैस रिफिल योजना के तहत पात्र लाड़ली बहनों को मात्र ₹450 में मिल रहा है रसोई गैस सिलेंडर।
  • योजना के आधिकारिक पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर आसानी से चेक कर सकते हैं भुगतान का स्टेटस।
  • स्थानीय विधायक महेंद्र नागेश और जिला प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर सुरक्षा व पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया।

MP Ladli Behna Yojana : मध्यप्रदेश की सवा करोड़ से अधिक महिलाओं के लिए एक बड़ी खबर आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आगामी 13 मई को नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मुंगवानी से एक सिंगल क्लिक के जरिए लाड़ली बहना योजना की बहुप्रतीक्षित 36वीं किस्त की राशि सीधे बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे।

इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता की अगली कड़ी जारी की जाएगी, जिससे उनके स्वावलंबन को और अधिक बल मिलेगा।

प्रशासन और स्थानीय विधायक ने संभाला मोर्चा

मुख्यमंत्री के इस प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर स्थानीय प्रशासन और संगठन पूरी तरह मुस्तैद हो गए हैं। शनिवार को गोटेगांव विधायक महेंद्र नागेश, कलेक्टर रजनी सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम स्थल का दौरा किया।

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टीम ने मुंगवानी में सभा स्थल, हेलिपैड निर्माण, यातायात व्यवस्था और गाड़ियों की पार्किंग के लिए तय जगहों का जमीनी जायजा लिया। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

महिलाओं को मिल रहा है हर महीने बड़ा सहारा

लाड़ली बहना योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन में एक बड़ा बदलाव ला रही है। इस योजना के तहत राज्य की लगभग 1 करोड़ 25 लाख से ज्यादा महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना की शुरुआत से लेकर अब तक सरकार बहनों के खातों में 54 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेज चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में कहा था कि महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और यह योजना इसी दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है।

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गैस सिलेंडर पर भी मिल रही है भारी छूट

सरकार केवल नकद राशि देकर ही नहीं, बल्कि रसोई के खर्च को कम करके भी महिलाओं की मदद कर रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और गैर-उज्ज्वला योजना के तहत आने वाली पात्र लाड़ली बहनों को सिर्फ 450 रुपये में गैस सिलेंडर रिफिल कराने की सुविधा मिल रही है।

इस गैस रीफिल सब्सिडी योजना के तहत अब तक सरकार की तरफ से 11,080 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में सब्सिडी के रूप में ट्रांसफर की जा चुकी है।

महिला सशक्तिकरण में अग्रणी मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने महिलाओं की बेहतरी के लिए जेंडर बजट की शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली नवोन्मेषी योजनाओं के कारण ही आज राज्य का जेंडर बजट बढ़कर 32,730 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि सरकार आधी आबादी की सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक मजबूती के लिए कितनी गंभीर है।

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इस तरह आसानी से चेक करें अपनी किस्त का स्टेटस

अगर आप भी लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी हैं और अपनी किस्त का स्टेटस देखना चाहती हैं, तो यह काम बेहद आसान है। सबसे पहले आपको योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाना होगा। इसके बाद होमपेज पर दिए गए “आवेदन व भुगतान की स्थिति” विकल्प पर क्लिक करें।

नए खुले पेज पर अपनी समग्र आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसे खाली बॉक्स में भरकर सबमिट करते ही भुगतान की पूरी जानकारी आपके सामने आ जाएगी।

कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी पात्रता नियमों का पालन करना होता है। केवल मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी महिलाएं ही इस योजना के लिए पात्र हैं। इसके अलावा, लाभार्थी महिला के परिवार की सालाना आय ढाई लाख रुपये से कम होनी चाहिए और परिवार में कोई भी सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए।

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परिवार के पास पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि या चारपहिया वाहन नहीं होना चाहिए। आवेदन के समय महिला की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए, जिसमें विवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं।

Alok Singh

मेरा नाम आलोक सिंह है मैं भगवान नरसिंह की नगरी नरसिंहपुर से हूं ।और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में आया था ।मुझे पत्रकारिता मैं इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया का 20 वर्ष का अनुभव है खबरों को प्रमाणिकता के साथ लिखने के हुनर में माहिर हूं।

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