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खेत के बीच चल रही थी ₹21 करोड़ की ‘ड्रग्स फैक्ट्री’, नार्कोटिक्स विभाग की बड़ी कार्रवाई में भंडाफोड़

  • सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नार्कोटिक्स ने मंदसौर के लसुड़िया इला गांव में अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।
  • कार्रवाई के दौरान लगभग 21 करोड़ रुपये मूल्य की 21.189 किलोग्राम एमडी (मेफेड्रोन) बरामद हुई।
  • जांच टीम ने मौके से 487 ग्राम अफीम, 30.8 लीटर तरल केमिकल और ड्रग्स बनाने के उपकरण जब्त किए।
  • खेत में अवैध रूप से ड्रग्स बनाने की यूनिट संचालित कर रहे दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
  • इस अवैध कारोबार के तार किसी बड़े अंतर्राज्यीय या अंतर्राष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े होने की आशंका है।

Mandsaur drug factory raid : मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर नार्कोटिक्स विभाग की टीम ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नार्कोटिक्स (CBN) की चित्तौड़गढ़ और जावरा टीम ने एक साझा ऑपरेशन चलाकर मंदसौर जिले के लसुड़िया इला गांव में चुपके से चल रही एक अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।

इस अचानक की गई छापेमारी में टीम ने मौके से करीब 21 करोड़ रुपये की एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स और भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद किया। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नशे के इस जखीरे को जब्त कर फैक्ट्री को सील कर दिया है और दो लोगों को हिरासत में लिया है।

सुनसान खेत में बना रखा था नशे का गुप्त ठिकाना

ड्रग्स माफियाओं ने पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। उन्होंने लसुड़िया इला गांव के एक सुनसान खेत को अपना ठिकाना बनाया और वहां गुपचुप तरीके से इस फैक्ट्री को खड़ा कर दिया। उन्हें लगा था कि घने खेतों के बीच इस काले कारोबार की भनक किसी को नहीं लगेगी।

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लेकिन नार्कोटिक्स विभाग के  सटीक सूचना के बाद जब नार्कोटिक्स की संयुक्त टीम ने खेत में बने उस ढांचे पर धावा बोला, तो वहां का नजारा देखकर खुद अधिकारी भी हैरान रह गए। खेत के अंदर बकायदा ड्रग्स बनाने की पूरी यूनिट चालू हालत में थी, जहां बड़े पैमाने पर जहर तैयार किया जा रहा था।

मौके से भारी मात्रा में केमिकल और उपकरण जब्त

छापेमारी के दौरान जांच दल ने मौके से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ और उसे बनाने की मशीनें बरामद की हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मौके से 21.189 किलोग्राम तैयार एमडी ड्रग्स और 487 ग्राम अफीम जब्त की गई है।

इसके अलावा, ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला 30.8 लीटर तरल केमिकल और अन्य लिक्विड भी मिले हैं। मौके से इलेक्ट्रॉनिक मोटर, तौलने वाले कांटे, बड़े ड्रम, फुल फेस मास्क और एमडी बनाने के उपकरणों से भरे 10 बैग भी जब्त किए गए हैं। यह सारा साजो-सामान इशारा करता है कि यहां बेहद पेशेवर तरीके से ड्रग्स बनाने का काम चल रहा था।

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दो आरोपी गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क की आशंका

नार्कोटिक्स विभाग ने मौके से फैक्ट्री को चला रहे दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि इस अवैध लैब में ड्रग्स तैयार कर उसे मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग जिलों में सप्लाई किया जाता था।

विभाग के अधिकारी नरेश बुन्देल ने बताया कि इस घातक मादक पदार्थ का इस्तेमाल मुख्य रूप से युवाओं को नशे की लत लगाने के लिए किया जा रहा था।

अफसरों को आशंका है कि इस अवैध कारोबार के तार किसी बड़े अंतर्राज्यीय या अंतर्राष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल विभाग इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रहा है कि इस काले कारोबार के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं, ड्रग्स बनाने के लिए केमिकल कहां से लाया जाता था और तैयार माल को कहां-कहां खपाया जाना था।

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Alok Singh

मेरा नाम आलोक सिंह है मैं भगवान नरसिंह की नगरी नरसिंहपुर से हूं ।और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में आया था ।मुझे पत्रकारिता मैं इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया का 20 वर्ष का अनुभव है खबरों को प्रमाणिकता के साथ लिखने के हुनर में माहिर हूं।

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