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आज से सोना खरीदने से पहले सुन ले पीएम मोदी की बात,इस अपील ने बढ़ाई ज्वैलरी बाजार में हलचल

  • प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोना खरीद टालने की अपील की।
  • भारत अपनी जरूरत का 90% सोना आयात करता है, जिससे डॉलर भंडार कम होता है।
  • इस अपील के बाद टाइटन और कल्याण ज्वैलर्स जैसे शेयरों में 11% तक की गिरावट आई।
  • जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर में काम करने वाले करीब 61 लाख लोगों के रोजगार पर असर संभव।
  • दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत फिलहाल ₹1,54,765 प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर है।

PM Modi speech on gold purchase : भारत में सोने का मोह किसी से छिपा नहीं है। शादी हो या निवेश, भारतीय परिवारों की पहली पसंद हमेशा से गोल्ड रहा है। लेकिन हाल ही में हैदराबाद की एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसी अपील की, जिसने न केवल आम जनता बल्कि शेयर बाजार को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

पीएम मोदी ने देशवासियों से अनुरोध किया कि वे अगले एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी को टाल दें। इस अपील के पीछे मुख्य वजह वैश्विक अनिश्चितता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) पर पड़ता दबाव है। सरकार चाहती है कि डॉलर के आउटफ्लो को कम किया जाए ताकि भारतीय रुपया और अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिल सके।

भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% सोना विदेशों से मंगाता है। आंकड़ों की मानें तो देश में हर साल 700 से 800 टन सोने की खपत होती है। 10 अप्रैल 2026 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 700.9 अरब डॉलर था, जबकि हमारा सालाना गोल्ड इंपोर्ट बिल ही करीब 60 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि हमारे कुल भंडार का 8-9% हिस्सा सिर्फ सोना खरीदने में खर्च हो रहा है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारतीय जनता इस अपील को गंभीरता से लेती है और सोने की खरीद में 50% की भी कटौती होती है, तो देश के लगभग 30 अरब डॉलर बचाए जा सकते हैं। यह बड़ी बचत चालू खाता घाटे (CAD) को कम करने और डॉलर के मुकाबले रुपये को सहारा देने में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

सिक्के के दो पहलू होते हैं। एक तरफ जहां सोना न खरीदने से देश की अर्थव्यवस्था को विदेशी मुद्रा के मोर्चे पर राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ भारत का विशाल जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर इससे प्रभावित हो सकता है।

आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में करीब 50 लाख से 61 लाख लोग काम करते हैं। अगर मांग में अचानक बड़ी गिरावट आती है, तो छोटे सुनारों से लेकर बड़े शोरूम में काम करने वाले कर्मचारियों की आजीविका पर संकट खड़ा हो सकता है।

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पीएम मोदी की इस अपील का असर शेयर बाजार पर तुरंत देखने को मिला। सोमवार को बाजार खुलते ही टाइटन, कल्याण ज्वैलर्स और सेनको गोल्ड जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में 5% से 11% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को डर है कि मांग घटने से इन कंपनियों के मुनाफे और मार्जिन पर बुरा असर पड़ सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ महीनों से सोने के आयात में पहले ही गिरावट देखी जा रही है। जनवरी में जहां 100 टन सोना आयात हुआ था, वहीं अप्रैल में यह घटकर महज 15 टन रह गया। इसके पीछे कस्टम क्लियरेंस में देरी और टैक्स से जुड़ी अनिश्चितताएं भी एक बड़ी वजह रही हैं।

सरकार का इरादा शादियों और त्योहारों के सीजन से पहले लोगों को सतर्क करना है। पीएम मोदी ने सिर्फ सोने ही नहीं, बल्कि ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचने की भी सलाह दी है। यह सब कुछ देश के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

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बाजार में मंदी की आशंकाओं के बीच सोने की कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,54,765 प्रति 10 ग्राम है। वहीं, MCX पर जून 2026 के गोल्ड फ्यूचर्स में हल्की गिरावट देखी गई और यह ₹1,52,100 के आसपास ट्रेड कर रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक अस्थिरता के कारण आने वाले समय में सोने की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Alok Singh

मेरा नाम आलोक सिंह है मैं भगवान नरसिंह की नगरी नरसिंहपुर से हूं ।और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में आया था ।मुझे पत्रकारिता मैं इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया का 20 वर्ष का अनुभव है खबरों को प्रमाणिकता के साथ लिखने के हुनर में माहिर हूं।

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