पत्नी ने ही रची थी पति की हत्या की साजिश, मौत के मुंह से निकलकर आए शख्स ने खोला राज
Vadodara crime news today : गुजरात के वडोदरा में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की खौफनाक साजिश रची। यह मामला वडोदरा के छानी इलाके का है, जहां 15 अप्रैल की रात को एक पान की दुकान चलाने वाले व्यक्ति का अपहरण कर उसे जान से मारने की कोशिश की गई। हालांकि, पीड़ित की हिम्मत और सूझबूझ ने न केवल उसकी जान बचाई, बल्कि इस पूरी साजिश का पर्दाफाश भी कर दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी महिला और उसके प्रेमी समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रात के अंधेरे में अपहरण और जानलेवा हमला
घटनाक्रम के अनुसार, छानी क्षेत्र में पान की दुकान चलाने वाले गिरीश पटेल 15 अप्रैल की रात को अपना काम खत्म कर घर लौट रहे थे। छानी-सोखड़ा रोड पर घात लगाकर बैठे हमलावरों ने अचानक उन्हें घेर लिया और जबरदस्ती एक कार में डाल दिया। आरोपियों ने चाकू की नोंक पर गिरीश को डराया और काफी देर तक अलग-अलग इलाकों में घुमाते रहे। अपनी पहचान छिपाने और वारदात को अंजाम देने के मकसद से आरोपियों ने सोजीत्रा के पास एक सुनसान नहर में गिरीश को फेंक दिया। हमलावरों ने मान लिया था कि गिरीश की मौत हो चुकी है और वे मौके से फरार हो गए।
मौत को मात देकर नहर से बाहर निकले गिरीश
इस खौफनाक हमले के बाद भी गिरीश पटेल ने हिम्मत नहीं हारी। नहर के गहरे पानी में गिरने के बाद उन्होंने वहां मौजूद एक लोहे के ढांचे को मजबूती से पकड़ लिया। उन्होंने लगभग तीन घंटे तक मौत से जंग लड़ी और खुद को पानी की लहरों में बहने से बचाए रखा। कड़ी मशक्कत के बाद वह नहर से बाहर निकलने में सफल रहे और सीधे पुलिस थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। उनकी शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिससे इस गहरी साजिश की परतें खुलती चली गईं।
प्रेम प्रसंग और 35 हजार की सुपारी का खुलासा
पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले थे। पता चला कि गिरीश की पत्नी फाल्गुनी पटेल का खेड़ा निवासी एक सैलून संचालक कौशिक शर्मा के साथ प्रेम संबंध था। दोनों गिरीश को रास्ते से हटाकर साथ रहना चाहते थे। इसी मकसद से कौशिक ने नरेंद्र उर्फ निकुल गोस्वामी नाम के व्यक्ति को गिरीश की हत्या करने के लिए 35,000 रुपये की सुपारी दी थी। कॉल रिकॉर्ड्स की जांच से यह भी पुष्ट हुआ कि वारदात से पहले के दो दिनों में फाल्गुनी और कौशिक के बीच 100 से ज्यादा बार बातचीत हुई थी, जिसमें हमले की पूरी रूपरेखा तैयार की गई थी।
लूट और निगरानी की सुनियोजित प्लानिंग
साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने हर छोटी बात का ध्यान रखा था। गिरोह के एक सदस्य रुद्र रावल को गिरीश की हर गतिविधि पर नजर रखने का काम सौंपा गया था। अपहरण के दौरान आरोपियों ने पीड़ित से नकदी और उनका एटीएम कार्ड भी लूट लिया था। हालांकि, पुलिस की पकड़ से बचने के लिए उन्होंने कार्ड का उपयोग नहीं किया। वर्तमान में पुलिस ने कौशिक शर्मा, फाल्गुनी पटेल, जितेंद्र बारिया, उमंग प्रजापति, उमंग भोई और पृथ्वी भोई को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।











