सफेद गमछा लेकर निकले थे गंगाराम, पेड़ पर मिली लाल गमछे से लटकी लाश; एक सुराग ने खोला हत्या का राज
- बड़वानी के सिलावद में 7 मई को पेड़ से लटकी मिली थी गंगाराम भुगवाड़े की लाश।
- घर से सफेद गमछा लेकर निकले गंगाराम का शव लाल गमछे से लटका मिलने पर बढ़ा शक।
- बाइक दुर्घटना के बाद ग्रामीणों ने गंगाराम का पीछा कर खाई में घेरा और पथराव किया।
- जान बचाने पेड़ पर चढ़े गंगाराम को नाबालिग आरोपी ने लाल गमछे का फंदा लगाकर नीचे धकेला।
- पुलिस ने एक बालिग और तीन नाबालिगों को किया गिरफ्तार, आधा दर्जन आरोपी अभी भी फरार।
MP Crime News Update : मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सिलावद थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसी पेचीदा मर्डर मिस्ट्री को सुलझाया है, जिसे पहली नजर में हर कोई आत्महत्या मान रहा था। बीते 7 मई को पोखलिया निवासी 40 वर्षीय गंगाराम भुगवाड़े का शव एक गहरी खाई में पेड़ से लटका मिला था।
पुलिस की शुरुआती जांच इसे सुसाइड मानकर चल रही थी, लेकिन मृतक के गले में बंधे लाल रंग के गमछे ने पूरे मामले का रुख मोड़ दिया। परिजनों के इस छोटे से सुराग के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई और जांच में पता चला कि गंगाराम की हत्या सड़क हादसे के बाद हुए विवाद में की गई थी। इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन नाबालिगों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे एक मामूली गमछे ने खोला मौत का राज?
गंगाराम की मौत के बाद सिलावद पुलिस इसे आत्महत्या का सामान्य मामला मानकर कार्रवाई कर रही थी। लेकिन जब मृतक के परिजनों ने शव को देखा, तो वे हैरान रह गए। परिजनों ने पुलिस को एक बेहद जरूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गंगाराम जब घर से निकला था, तो उसके पास सफेद रंग का गमछा था। लेकिन पेड़ पर उसकी लाश लाल रंग के गमछे से लटकी हुई थी।
सिलावद थाना प्रभारी आरके लोवंशी के मुताबिक, गमछे के रंग में यह बदलाव ही इस केस का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। पुलिस को समझ आ गया कि मामला आत्महत्या का नहीं, बल्कि कुछ और है। इसके तुरंत बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई और मामले की नए सिरे से पड़ताल शुरू की गई।
सड़क हादसे से शुरू हुई थी पूरी कहानी
पुलिस जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन गंगाराम अपनी ससुराल चारणखेड़ा से मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने घर लौट रहा था। तभी केली गांव के पास उसकी बाइक सामने से आ रही एक दूसरी मोटरसाइकिल से टकरा गई। इस दूसरी बाइक को रितेश नाम का एक युवक चला रहा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रितेश मौके पर ही बेहोश हो गया।
हादसे की आवाज सुनकर पास के गांव से रितेश के ससुराल वाले और उसके रिश्तेदार बड़ी संख्या में वहां इकट्ठा हो गए। अपने साथी को बेहोश देखकर वे बुरी तरह भड़क गए और उन्होंने बिना कुछ सोचे-समझे गंगाराम पर हमला कर दिया और मारपीट शुरू कर दी।
जान बचाने के लिए खाई में छिपा, पर नहीं छोड़ा पीछा
भीड़ के गुस्से और मारपीट से बचने के लिए गंगाराम अपनी जान बचाकर भागा। वह पास ही मौजूद एक गहरी खाई में जाकर छिप गया। लेकिन हमलावरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ था। करीब 10 लोग गंगाराम को ढूंढते हुए खाई तक पहुंच गए और उसे चारों तरफ से घेरकर पथराव शुरू कर दिया।
खुद को घिरा देखकर गंगाराम ने हमलावरों से बचने के लिए पास के एक पेड़ पर चढ़ने का फैसला किया। वह पेड़ पर चढ़ तो गया, लेकिन मुख्य आरोपी (जो कि एक नाबालिग है) भी उसके पीछे-पीछे पेड़ पर चढ़ गया।
पुलिस के अनुसार, उस नाबालिग आरोपी ने अपने पास मौजूद लाल रंग का गमछा निकाला, उसे गंगाराम के गले में बांधा और गमछे का दूसरा छोर पेड़ की डाल से बांधकर गंगाराम को नीचे धक्का दे दिया। फंदा कसने से गंगाराम की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद सभी आरोपी वहां से भाग निकले।
तीन नाबालिगों सहित चार आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा होने के बाद सिलावद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने डोंगरागांव के रहने वाले राजू बारेला और तीन नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
थाना प्रभारी आरके लोवंशी ने बताया कि घटना में शामिल आधा दर्जन से अधिक अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पकड़े गए सभी आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। बड़वानी पुलिस का कहना है कि बाकी दोषियों को भी जल्द ही कानून के शिकंजे में ले लिया जाएगा।













