Latest Big News

इंदौर हनीमून मर्डर केस: शिलॉन्ग कोर्ट का बड़ा फैसला, दो आरोपियों को मिली राहत, जानें अब क्या होगा सोनम का?

इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में कोर्ट ने बिल्डिंग मालिक और गार्ड को बरी किया। मुख्य आरोपी पत्नी सोनम अब भी जेल में है, जिसकी जमानत अर्जी कोर्ट ने दोबारा खारिज कर दी है।

Indore Honeymoon Murder Case  इलाके के नामचीन ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की मौत ने पिछले साल पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। एक ऐसा सफर जो जिंदगी भर की यादें संजोने के लिए शुरू हुआ था, वह शिलॉन्ग की पहाड़ियों में एक खौफनाक अंत तक जा पहुँचा। हनीमून के दौरान पति की हत्या और फिर पत्नी का इस साजिश में मुख्य आरोपी बनकर सामने आना,

किसी फिल्मी कहानी जैसा जरूर लगता है, लेकिन यह हकीकत इंदौर की गलियों से लेकर मेघालय की वादियों तक फैली हुई है। अब इस चर्चित हत्याकांड में एक बेहद अहम मोड़ आया है, जिसने पुलिस की तफ्तीश और कानूनी दांव-पेंचों पर नई बहस छेड़ दी है। कोर्ट ने इस मामले के दो सह-आरोपियों को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है, जिससे पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर सवाल उठने लगे हैं।

दो आरोपियों को मिली बड़ी राहत और पुलिस का ढीला पक्ष

इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में शिलॉन्ग की अदालत ने हाल ही में एक बड़ा फैसला सुनाया है। इस मामले में पुलिस ने जिन दो व्यक्तियों को साक्ष्य मिटाने और अपराधियों की मदद करने के आरोप में पकड़ा था, उन्हें अब दोषमुक्त कर दिया गया है। बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर और गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि कोर्ट ने माना कि उनके खिलाफ हत्या से सीधा संबंध जोड़ने वाला कोई भी पुख्ता सबूत मौजूद नहीं है। पुलिस ने शुरुआत में दावा किया था कि मुख्य आरोपियों ने राजा की हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए इन लोगों की मदद ली थी।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अदालत में सुनवाई के दौरान यह साफ हुआ कि महज संदेह के आधार पर किसी को अपराधी नहीं माना जा सकता। पुलिस यह साबित करने में नाकाम रही कि इन दोनों व्यक्तियों को हत्या की साजिश के बारे में कोई जानकारी थी या उन्होंने जानबूझकर किसी बैग को ठिकाने लगाने में मदद की थी। इस फैसले के बाद अब पुलिस की उस जांच प्रक्रिया पर भी उंगलियां उठ रही हैं, जिसने बिना ठोस सुबूतों के इन लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था। हालांकि, मुख्य आरोपियों के लिए मुश्किलें अब भी कम नहीं हुई हैं।

क्या थी पुलिस की थ्योरी जो अदालत में नहीं टिकी

शिलॉन्ग की ईस्ट खासी हिल्स पुलिस ने जब इस मामले की तहकीकात शुरू की थी, तो उन्होंने कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की थी। पुलिस का आरोप था कि राजा की हत्या के बाद मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और उसका साथी विशाल चौहान लसूड़िया इलाके की एक बिल्डिंग में रुके थे।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि बिल्डिंग मालिक और गार्ड ने एक कॉन्ट्रैक्टर के साथ मिलकर सोनम का वह बैग गायब करने में मदद की, जिसमें संभवतः कुछ अहम सुबूत हो सकते थे। पुलिस को लगा था कि यह पूरी टीम साक्ष्य मिटाने के इस खेल में शामिल है।

लेकिन जब मामला अदालत की चौखट पर पहुँचा, तो कहानी कुछ और ही निकली। बचाव पक्ष ने दलीलों और तकनीकी दस्तावेजों के जरिए यह साबित किया कि बिल्डिंग के कमरों का एग्रीमेंट किसी और के नाम पर था और गार्ड या मालिक का काम केवल अपनी ड्यूटी करना था। बिजली के बिलों और रहने की अवधि की बारीकी से जांच करने के बाद यह पाया गया कि इन दोनों का हत्या की किसी भी योजना से दूर-दूर तक वास्ता नहीं था। शिलॉन्ग के पुलिस अधीक्षक ने भी बाद में स्वीकार किया कि शुरुआती परिस्थितियों को देखते हुए गिरफ्तारी की गई थी, लेकिन विस्तृत जांच में उनकी कोई सक्रिय भूमिका नहीं पाई गई।

शिलॉन्ग की पहाड़ियों में रची गई थी मौत की साजिश

इस पूरे मामले की जड़ें 11 मई 2025 को हुई उस शादी में छिपी हैं, जिसे देखकर कोई नहीं कह सकता था कि इसका अंजाम इतना भयावह होगा। इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी ने बड़े अरमानों के साथ सोनम से शादी की थी। शादी के महज नौ दिन बाद, 20 मई को यह जोड़ा हनीमून के लिए मेघालय के खूबसूरत हिल स्टेशन शिलॉन्ग पहुँचा। राजा के लिए यह जीवन की नई शुरुआत थी, लेकिन सोनम के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। 23 मई को अचानक राजा और सोनम के लापता होने की खबर आई, जिसने परिजनों की रातों की नींद उड़ा दी।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

शुरुआत में इसे एक हादसा या अपहरण का मामला माना जा रहा था, लेकिन जब 2 जून को चेरापूंजी के सोहरा इलाके में एक गहरे झरने के पास राजा का क्षत-विक्षत शव मिला, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। शव की हालत देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता था कि यह किसी गहरी नफरत या बड़ी साजिश का नतीजा है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, शक की सुई पत्नी सोनम की तरफ घूमने लगी। पुलिस ने जब उत्तर प्रदेश के एक ढाबे से सोनम को बरामद किया, तो इस पूरी साजिश की परतें एक-एक करके खुलने लगीं।

बेवफाई और कत्ल का वह खौफनाक मंजर

पुलिस की जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने सबको सन्न कर दिया। पता चला कि सोनम रघुवंशी अपने पुराने प्रेमी राज कुशवाह के साथ मिलकर राजा को रास्ते से हटाना चाहती थी। सोनम ने शादी तो कर ली थी, लेकिन उसका मन अब भी राज में अटका हुआ था। उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर यह योजना बनाई कि हनीमून के बहाने राजा को ऐसी जगह ले जाया जाए, जहाँ से उसका वापस आना नामुमकिन हो। 23 मई की उस काली रात को ही राजा की हत्या कर दी गई थी, ताकि सोनम अपनी आगे की जिंदगी अपने प्रेमी के साथ बिता सके।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इस हत्याकांड में केवल सोनम और राज ही नहीं, बल्कि विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी जैसे लोग भी शामिल थे, जिन्हें पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता माना है। पुलिस के पास अब भी ऐसे कई पुख्ता सुबूत मौजूद हैं जो बताते हैं कि किस तरह पेशेवर अपराधियों की तरह इस कत्ल को अंजाम दिया गया और फिर उसे एक हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। हालांकि, आरोपी हमेशा यह दावा करते रहे हैं कि वे निर्दोष हैं, लेकिन परिस्थितियों के घेरे ने उन्हें चारों तरफ से जकड़ रखा है।

जेल की सलाखों के पीछे मुख्य आरोपी सोनम

भले ही बिल्डिंग मालिक और गार्ड को राहत मिल गई हो, लेकिन मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी अब भी शिलॉन्ग जेल में दिन काट रही है। उसने कई बार जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया, लेकिन हर बार उसकी अर्जी खारिज कर दी गई। सोनम के वकीलों ने कोर्ट में यह दलील दी कि वह अपनी शादी से बेहद खुश थी और राज कुशवाह के साथ उसका रिश्ता केवल भाई-बहन जैसा था। उन्होंने यह भी कहा कि एक महिला होने के नाते उसे सहानुभूति मिलनी चाहिए और वह जांच में सहयोग करने को तैयार है।

मगर अभियोजन पक्ष और राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने इन दावों का पुरजोर विरोध किया। अदालत ने भी माना कि यह मामला केवल प्रेम त्रिकोण का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और क्रूर हत्या का है। साक्ष्यों की गंभीरता और गवाहों के बयानों को देखते हुए कोर्ट ने सोनम को किसी भी तरह की रियायत देने से साफ इनकार कर दिया। राजा के परिवार का कहना है कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक कि उनके बेटे के असली हत्यारों को फांसी के फंदे तक नहीं पहुँचा दिया जाता।

गवाहों के बयान और आगे की कानूनी राह

इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कई महत्वपूर्ण बयान दर्ज किए जा चुके हैं। राजा के भाई विपिन और सोनम की सहेलियों ने पुलिस को जो जानकारियां दी हैं, वे इस केस में बेहद निर्णायक साबित हो सकती हैं। सहेलियों के बयानों से सोनम और राज के बीच के असल रिश्तों का पर्दाफाश हुआ है, जो सोनम की ‘भाई-बहन’ वाली थ्योरी को पूरी तरह ध्वस्त करता है। इसके अलावा, तकनीकी साक्ष्य जैसे कॉल डिटेल्स और लोकेशन डेटा भी आरोपियों के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं।

फिलहाल, पुलिस अब अपनी जांच को और भी पुख्ता करने में जुटी है ताकि दोषमुक्त हुए दो आरोपियों की वजह से मुख्य केस पर कोई असर न पड़े। यह मामला समाज के लिए एक सबक की तरह है कि कैसे रिश्तों में आई कड़वाहट और बेवफाई किसी के घर को उजाड़ सकती है। इंदौर का यह ट्रांसपोर्टर अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसकी मौत से जुड़े सवाल आज भी इंसाफ की तलाश में हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट इस जघन्य अपराध के लिए मुख्य आरोपियों को क्या सजा सुनाती है।

Alok Singh

मेरा नाम आलोक सिंह है मैं भगवान नरसिंह की नगरी नरसिंहपुर से हूं ।और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में आया था ।मुझे पत्रकारिता मैं इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया का 20 वर्ष का अनुभव है खबरों को प्रमाणिकता के साथ लिखने के हुनर में माहिर हूं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *