MP Gold Silver Price: मध्य प्रदेश में अचानक बढ़े सोने के दाम, जानें भोपाल और इंदौर का ताजा रेट
मध्य प्रदेश के सराफा बाजारों में आज सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। शादियों की मांग और वैश्विक कारणों से भोपाल, इंदौर और रतलाम में भाव चढ़े हुए हैं।
MP Gold Silver Price : मध्य प्रदेश के सराफा बाजारों में इन दिनों एक अलग ही हलचल देखने को मिल रही है। अगर आप आज सुबह भोपाल, इंदौर या रतलाम के बाजारों में निकले होंगे, तो आपने महसूस किया होगा कि सोने और चांदी की दुकानों पर लोगों की दिलचस्पी अचानक बढ़ गई है। दरअसल, काफी समय की सुस्ती के बाद अब कीमती धातुओं की कीमतों ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे संकेतों और भारत में शादियों के सीजन की शुरुआत ने मिलकर एक ऐसा माहौल बना दिया है, जहां हर कोई यह जानना चाहता है कि क्या अब निवेश करने का सही समय आ गया है। मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडियों में आज कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई है, जिसने न केवल खरीदारों बल्कि बड़े निवेशकों के कान भी खड़े कर दिए हैं।
मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में आज का हाल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर के बाजारों में आज सुबह से ही रौनक है। भोपाल के सराफा बाजार में जैसे ही दुकानें खुलीं, सोने की कीमतों में एक उछाल दर्ज किया गया। यहाँ 24 कैरेट सोने की कीमतों में करीब 200 से 300 रुपये प्रति दस ग्राम की बढ़त देखी गई। इसी तरह 22 कैरेट सोने के भाव भी कल के मुकाबले तेज रहे।
इंदौर के बुलियन मार्केट में भी इसी तरह का माहौल है। इंदौर को मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र माना जाता है, इसलिए यहाँ होने वाली हलचल का असर पूरे प्रदेश के छोटे शहरों पर भी पड़ता है। रतलाम की मंडी, जो अपनी शुद्धता के लिए देशभर में मशहूर है, वहाँ भी चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी आई है। यहाँ चांदी के दाम 700 से 1000 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, जिससे कारोबारियों के बीच हलचल बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार
सोने और चांदी की कीमतों में इस उछाल के पीछे सिर्फ स्थानीय कारण नहीं हैं, बल्कि सात समंदर पार हो रही घटनाएं भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को हमेशा से एक ‘सेफ हेवन’ यानी सुरक्षित निवेश माना जाता है। जब भी दुनिया के किसी हिस्से में राजनीतिक तनाव बढ़ता है या युद्ध जैसी स्थितियां बनती हैं, तो दुनिया भर के बड़े निवेशक शेयर बाजार से अपना पैसा निकालकर सोने में लगाना शुरू कर देते हैं।
फिलहाल वैश्विक स्तर पर जो भू-राजनीतिक परिस्थितियां बनी हुई हैं, उन्होंने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है। इसके साथ ही, अमेरिकी डॉलर की मजबूती में आई हल्की गिरावट ने भी सोने को सहारा दिया है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो अन्य मुद्राओं वाले देशों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग बढ़ती है और कीमतें ऊपर की तरफ भागने लगती हैं।
शेयर बाजार की अस्थिरता का फायदा
पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार में जिस तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, उसने भी लोगों का ध्यान पारंपरिक निवेश की ओर खींचा है। इक्विटी मार्केट में जब जोखिम बढ़ता है, तब निवेशक अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करने के लिए सोने और चांदी का रुख करते हैं।
मध्य प्रदेश के स्थानीय जानकारों का मानना है कि जो लोग शेयर बाजार की अनिश्चितता से घबराए हुए हैं, वे अब सुरक्षित विकल्प के तौर पर सराफा बाजार में पैसा लगा रहे हैं। सोने की खासियत यह है कि यह मुश्किल वक्त में एक ढाल की तरह काम करता है। यही वजह है कि जब स्टॉक मार्केट में लाल निशान दिखता है, तो अक्सर सोने की चमक और बढ़ जाती है।
शादियों का सीजन
भारत में सोना सिर्फ एक निवेश नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपराओं का एक अहम हिस्सा है। फरवरी का महीना शुरू होते ही देश में शादियों का सीजन भी परवान चढ़ने लगता है। मध्य प्रदेश में भी इस दौरान बड़े पैमाने पर शादियां होती हैं, और भारतीय शादियों में गहनों की खरीदारी एक अनिवार्य हिस्सा है। मांग में आई इस अचानक बढ़त ने कीमतों को ऊपर धकेलने का काम किया है।
सराफा व्यापारियों का कहना है कि लोग अब पिछले कुछ महीनों की गिरावट का इंतजार खत्म कर खरीदारी के लिए बाहर निकल रहे हैं। उन्हें डर है कि अगर कीमतों में तेजी जारी रही, तो आने वाले दिनों में जेवर बनवाना और महंगा हो जाएगा। इस मनोवैज्ञानिक दबाव के कारण भी बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ रही है।
चांदी की कीमतों में तेजी
सोने के साथ-साथ चांदी भी इन दिनों खूब चमक रही है, लेकिन इसकी वजह सिर्फ गहने या सिक्के नहीं हैं। चांदी की कीमतों को असल ताकत मिल रही है उद्योगों से। आज के दौर में जिस तरह से दुनिया ग्रीन एनर्जी और सोलर पावर की तरफ बढ़ रही है, उसमें चांदी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। सोलर पैनल बनाने में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।
इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल फोन इंडस्ट्री में भी चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है। जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में चांदी की औद्योगिक मांग और बढ़ने वाली है, जिसका सीधा असर इसके भाव पर दिख रहा है। मध्य प्रदेश के रतलाम जैसे शहरों में, जहाँ चांदी का बड़ा कारोबार होता है, वहाँ इस औद्योगिक मांग का असर साफ तौर पर कीमतों में उछाल के रूप में देखा जा सकता है।













