ED raid Jabalpur : जबलपुर के बड़े बिल्डर पर ईडी की कार्रवाई: पुर्तगाल में करोड़ों की संपत्ति और विदेशी ट्रांजैक्शन का खुलासा
लिस्बन में फ्लैट खरीद, विदेश में जमा रकम और LRS के कथित दुरुपयोग पर जांच तेज
ED raid Jabalpur : मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में एक बड़े बिल्डर समूह के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को हुई इस कार्रवाई में एजेंसी ने बिल्डर फर्म और उससे जुड़े सहयोगियों के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान विदेश में संपत्ति खरीद, करोड़ों रुपये के ट्रांसफर और आयकर विभाग को जानकारी न देने के मामले सामने आए हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA), 1999 के तहत की है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर विदेशी निवेश किया गया।
क्या है पूरा मामला
ED के भोपाल जोनल कार्यालय के अनुसार, यह कार्रवाई 19 मार्च 2026 को जबलपुर में की गई। जांच एजेंसी को आयकर विभाग से मिली जानकारी के आधार पर यह सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
दरअसल, सितंबर 2023 में आयकर विभाग ने इसी बिल्डर समूह के ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान कुछ अहम दस्तावेज मिले थे, जिनमें विदेश में संपत्ति खरीदने के संकेत थे। इन दस्तावेजों के आधार पर मामला ED को सौंपा गया।
पुर्तगाल के लिस्बन में खरीदा गया फ्लैट
जांच में सामने आया है कि बिल्डर के एक पार्टनर ने पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में करीब 5,10,000 यूरो (लगभग 5 करोड़ रुपये) में एक रेजिडेंशियल फ्लैट खरीदा।

इस संपत्ति से किराये की आय भी अर्जित की जा रही थी। हालांकि, इस विदेशी संपत्ति और उससे होने वाली आय की जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी गई थी।
विदेशी ट्रांजैक्शन और फंड ट्रांसफर का खुलासा
ED की जांच में यह भी सामने आया कि LRS स्कीम के तहत करीब 5,48,000 अमेरिकी डॉलर पहले अमेरिका भेजे गए। इसके बाद इस राशि को पुर्तगाल ट्रांसफर किया गया।
इसके अतिरिक्त लगभग 4,20,998 यूरो (करीब 3.65 करोड़ रुपये) पुर्तगाल भेजे गए, जिनका इस्तेमाल लिस्बन में फ्लैट खरीदने में किया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, अभी भी लगभग 2.1 करोड़ रुपये पुर्तगाल के एक बैंक खाते में जमा हैं।
छापेमारी में 31 लाख रुपये जब्त
सर्च ऑपरेशन के दौरान ED ने बिल्डर के पार्टनर से जुड़े ठिकानों से 31 लाख रुपये नकद भी जब्त किए हैं। यह रकम दस्तावेजों में दर्ज नहीं थी, जिससे एजेंसी को संदेह और गहरा हुआ है। ED अब इस बात की जांच कर रही है कि यह पैसा कहां से आया और क्या इसे वैध तरीके से अर्जित किया गया था।
टैक्स और नियमों के उल्लंघन की जांच
जांच में यह भी पाया गया कि विदेशी निवेश से होने वाली आय का खुलासा नहीं किया गया था। साथ ही यह स्पष्ट नहीं है कि उस आय पर कितना टैक्स अदा किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, विदेश में संपत्ति खरीदने और निवेश करने के लिए LRS के तहत स्पष्ट नियम हैं। इन नियमों का उल्लंघन करने पर FEMA के तहत कार्रवाई हो सकती है।













