वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की जल नीति मजबूत, ‘Jal Ganga Abhiyan से गांवों में जल संरक्षण को बढ़ावा
19 मार्च से नरसिंहपुर में शुरू होगा अभियान का तीसरा चरण, जनभागीदारी से जल स्रोतों को बारहमासी बनाने पर फोकस
Jal Ganga Abhiyan। वैश्विक स्तर पर बढ़ते जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच भारत जल संरक्षण के क्षेत्र में लगातार ठोस कदम उठा रहा है। मध्य प्रदेश के पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरुवार को नरसिंहपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 19 मार्च से ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का तीसरा चरण शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य गांवों में जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन है। यह अभियान नरसिंहपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में संचालित होगा और इसमें जनभागीदारी को सबसे अहम माना गया है।
अधूरे कार्यों को पूरा करने पर जोर
मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का तीसरा चरण पिछले दो चरणों की सफलता को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें स्थानीय लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस चरण में खास तौर पर उन कार्यों को पूरा किया जाएगा जो पहले अधूरे रह गए थे। साथ ही जल स्रोतों में सालभर पानी बनाए रखने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। तालाबों का गहरीकरण, पुराने जल स्रोतों का पुनर्जीवन और नदियों के उद्गम स्थलों का संरक्षण इस अभियान के प्रमुख हिस्से होंगे।
मंत्री ने कहा कि नदियों को बारहमासी बनाना इस पहल का मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि आम नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।
जनभागीदारी से बनेगा स्थायी समाधान
प्रहलाद सिंह पटेल ने जोर देते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रह सकता। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान को अपनी जिम्मेदारी समझें और सक्रिय रूप से जुड़ें।
उनके अनुसार, जब स्थानीय समुदाय जल स्रोतों की देखरेख और संरक्षण में भाग लेता है, तब ही स्थायी और प्रभावी परिणाम सामने आते हैं। यही कारण है कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ को एक जनआंदोलन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
‘हर घर जल’ लक्ष्य को लेकर सरकार प्रतिबद्ध
मंत्री ने केंद्र सरकार की ‘जल जीवन मिशन’ योजना का भी उल्लेख किया और इसे प्रधानमंत्री का एक महत्वपूर्ण संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन, जल टंकियों और अन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। इससे लोगों को न केवल पीने के पानी की सुविधा मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य और जीवन स्तर में भी सुधार होगा।
विधायक मीडिया प्रभारी वैभव नेमा ने बताया कि प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने अभियान को लेकर अपने सुझाव भी साझा किए।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत का दृष्टिकोण
प्रहलाद सिंह पटेल ने अपने संबोधन में वैश्विक हालात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया आज कई संकटों का सामना कर रही है, जिनमें जल संकट भी एक बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में भारत संवाद और शांति के मार्ग पर चलते हुए समाधान खोजने का प्रयास करता है।
प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष राम स्नेही पाठक, पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल, पूर्व जिला अध्यक्ष महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी और विधायक मीडिया प्रभारी वैभव नेमा सहित कई जनप्रतिनिधि और पत्रकार मौजूद रहे।













