जबलपुर में ब्लैकमेलिंग का बड़ा खुलासा: डॉक्टर को रेप और पॉक्सो केस में फंसाने की धमकी देकर वसूली करने वाले तीन फर्जी पत्रकार गिरफ्तार
Jabalpur Crime News : मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो खुद को पत्रकार बताकर लोगों को फंसाता था और फिर उनसे लाखों रुपये की वसूली करता था। इस बार गिरोह के निशाने पर शहर के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर थे। आरोपियों ने डॉक्टर को रेप और पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी देकर 37 लाख रुपये की मांग की थी। पुलिस ने जाल बिछाकर तीन आरोपियों को उस समय पकड़ लिया जब वे 10 लाख रुपये लेने पहुंचे थे।
यह मामला सामने आने के बाद शहर में हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के ऐसे नेटवर्क को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी किसी बड़े गिरोह से जुड़े हो सकते हैं और इस मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
डॉक्टर को फोन कर दी थी गंभीर आरोपों में फंसाने की धमकी
पीड़ित डॉक्टर अमित खरे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोग उन्हें लगातार फोन कर रहे थे और गंभीर आरोपों में फंसाने की धमकी दे रहे थे। शिकायत के मुताबिक एक आरोपी ने खुद को पत्रकार बताते हुए फोन किया और कहा कि नागपुर की एक युवती उनके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने वाली है।
आरोपी ने डॉक्टर को डराते हुए कहा कि मामला पुलिस तक पहुंचने से पहले निपटाया जा सकता है। इसके बदले में उसने 37 लाख रुपये की मांग रखी। डॉक्टर को समझ आ गया कि यह ब्लैकमेलिंग का मामला हो सकता है। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी।
बातचीत के बाद रकम 10 लाख रुपये पर तय हुई
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने शुरुआत में 37 लाख रुपये मांगे थे। बाद में कई बार बातचीत के बाद यह रकम घटाकर 10 लाख रुपये कर दी गई। आरोपियों ने डॉक्टर को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि पैसे मिलते ही मामला खत्म कर दिया जाएगा और कोई शिकायत दर्ज नहीं होगी।
डॉक्टर ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को देते हुए उनकी मदद मांगी। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को पकड़ने के लिए योजना बनाई।
पुलिस ने कछपुरा ब्रिज पर बिछाया जाल
संजीवनी नगर थाना पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक योजना बनाई। डॉक्टर को कहा गया कि वह आरोपियों के बताए स्थान पर पैसे देने के लिए जाएं। तय योजना के अनुसार मंगलवार रात कछपुरा ब्रिज के पास आरोपियों को रकम देने का नाटक किया गया।
जैसे ही आरोपी 10 लाख रुपये से भरा बैग लेने पहुंचे, पुलिस ने पहले से घेराबंदी कर रखी थी। मौके पर ही तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। पुलिस ने उनके पास से एक स्कॉर्पियो गाड़ी, एक निजी न्यूज चैनल की माइक आईडी और शराब की बोतल भी बरामद की है।
खुद को पत्रकार बताकर बनाते थे दबाव
जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को पत्रकार बताकर लोगों पर दबाव बनाते थे। उनके पास न्यूज चैनल की माइक आईडी भी थी, जिससे वे अपनी पहचान को असली दिखाने की कोशिश करते थे। पुलिस का मानना है कि इस तरह के उपकरणों का इस्तेमाल कर आरोपी लोगों को डराते थे ताकि वे पैसे देने के लिए मजबूर हो जाएं।
ऐसे मामलों में अक्सर पीड़ित व्यक्ति सामाजिक बदनामी के डर से शिकायत करने से बचते हैं। इसी का फायदा उठाकर ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह सक्रिय रहते हैं।
बड़े नेटवर्क की आशंका, अन्य आरोपियों की तलाश
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि इस पूरे मामले में शहर के बाहर के कुछ लोग भी शामिल हो सकते हैं। आरोपियों ने एक युवती का भी जिक्र किया है, जिसके नाम का इस्तेमाल कर डॉक्टर को डराया गया था।
संजीवनी नगर थाना प्रभारी बीडी द्विवेदी के अनुसार पुलिस अब उस कथित युवती और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी इसी तरह लोगों को निशाना बनाया है।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(1), 308(6) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत जबरन वसूली, धमकी और आपराधिक साजिश जैसे अपराधों की जांच की जाती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में पीड़ितों को डरने की बजाय तुरंत शिकायत करनी चाहिए। समय रहते जानकारी मिलने पर आरोपियों को पकड़ना आसान हो जाता है और बड़े गिरोह का भी पता लगाया जा सकता है।













