MP News: पुलिस ने इंसान नहीं बल्कि कार को किया ‘अरेस्ट’, हथकड़ी के डर से थर-थर कांप रही थी गाड़ी हैरान करने वाली बजह
जबलपुर के लार्डगंज थाने में पुलिस ने चोरी के डर से ज़ब्त की गई कार को हथकड़ी पहना दी। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की जमकर ट्रोलिंग हो रही है।
Jabalpur News Today : मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने इंटरनेट की दुनिया में सबको हैरान कर दिया है। अक्सर आपने पुलिस को मुजरिमों के हाथों में हथकड़ी लगाते देखा होगा, लेकिन क्या कभी सुना है कि किसी कार को भी हथकड़ी पहनाई जा सकती है?
जबलपुर के लार्डगंज थाने में कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला। पुलिस ने अपनी हिरासत में ली गई एक कार को चोरी होने से बचाने के लिए उसे हथकड़ी से जकड़ दिया। यह मामला अब न केवल चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर रहा है।
आखिर क्यों कार को ‘गिरफ्तार’ करना पड़ा?
यह पूरा मामला शराब पीकर गाड़ी चलाने से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, लार्डगंज पुलिस इलाके में वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान प्रथम कुमार नाम का एक युवक कार चलाता हुआ मिला, जो काफी नशे में था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत केस दर्ज किया और उसकी कार को ज़ब्त कर थाने ले आई।
लेकिन पुलिसकर्मियों को शायद यह डर सता रहा था कि कहीं उनकी नाक के नीचे से ही यह कार चोरी न हो जाए। इस असुरक्षा के भाव में उन्होंने कार के पिछले पहिए में हथकड़ी का एक सिरा फंसाया और दूसरा सिरा अंदर की सीट के हैंडल से जोड़कर उसे लॉक कर दिया।
जब सोशल मीडिया पर शुरू हुई पुलिस की खिंचाई
कार को हथकड़ी पहनाए जाने का यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर पहुंचा, लोगों ने पुलिस के इस ‘जुगाड़’ का मज़ाक उड़ाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया और यूज़र्स तरह-तरह के कमेंट्स करने लगे। किसी ने इसे ‘कानून के लंबे हाथ’ बताया तो किसी ने इसे पुलिस की बेबसी करार दिया।
मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस के आला अधिकारियों को भी इसमें दखल देना पड़ा। जब यह खबर कोतवाली सीएसपी रीतेश शिव तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत लार्डगंज थाना प्रभारी नवल किशोर आर्य से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा। अधिकारियों की फटकार के बाद आनन-फानन में कार से हथकड़ी हटवाई गई।
क्या कहते हैं पुलिस के नियम और सुरक्षा के कायदे
पुलिस मैन्युअल और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के अनुसार, थाने में ज़ब्त किए गए किसी भी वाहन की सुरक्षा की पूरी ज़िम्मेदारी पुलिस की होती है। लेकिन सुरक्षा के लिए हथकड़ी जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करना नियमों के पूरी तरह खिलाफ है। हथकड़ी का उपयोग केवल अपराधियों या संदिग्धों को काबू में रखने के लिए किया जाता है, न कि बेजान चीज़ों या वाहनों को लॉक करने के लिए।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब मध्य प्रदेश या देश के किसी हिस्से में पुलिस की ऐसी अनोखी कार्यशैली देखने को मिली है। इससे पहले भी कई बार संसाधनों की कमी या चोरी के डर से पुलिस अजीब कदम उठाती रही है।
हालांकि, जबलपुर की इस घटना ने पुलिस की इमेज को सोशल मीडिया पर काफी नुकसान पहुंचाया है। फिलहाल, उच्च अधिकारियों ने थाने में तैनात कर्मियों को सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में इस तरह की गैर-पेशेवर हरकतें न दोहराई जाएं।












