LNIPE Gwalior Protest: छात्रों का फूटा गुस्सा, कुलगुरु को प्रशासनिक भवन में किया बंद
Gwalior news : ग्वालियर के प्रतिष्ठित लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) में माहौल उस समय पूरी तरह गरमा गया जब अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्र अचानक आक्रामक हो गए। छात्रों ने संस्थान के प्रशासनिक भवन का मुख्य गेट बंद कर दिया और अंदर मौजूद कुलगुरु प्रो. कल्पना शर्मा समेत अधिकारियों, कर्मचारियों और कुछ अन्य लोगों को बाहर नहीं निकलने दिया। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा।
यह पूरा विवाद गुवाहाटी परिसर में बीपीएड की छात्रा श्रुति उपाध्याय की बीमारी के बाद हुई दुखद मृत्यु से जुड़ा है। सितंबर माह में हुई इस घटना के बाद से ही छात्र गुवाहाटी कैंपस की स्वास्थ्य सेवाओं और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। ग्वालियर कैंपस में चल रहे इस आंदोलन के तहत छात्र रजिस्ट्रार को हटाने और मृत छात्रा के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने जैसी कई प्रमुख मांगें उठा रहे हैं।
दो घंटे तक चला गतिरोध और मुख्य गेट पर लेटे छात्र
जब प्रदर्शनकारी छात्रों को यह जानकारी मिली कि कुलगुरु प्रशासनिक भवन के भीतर मौजूद हैं, तो वे तुरंत वहां पहुंच गए। छात्रों ने भवन के मुख्य गेट को बंद कर दिया और अंदर फंसे लोगों को रोकने के लिए गेट पर कपड़ा भी बांध दिया। कुछ छात्र धरने के समर्थन में रास्ते पर ही लेट गए।
इस हंगामे के कारण करीब दो घंटे तक प्रशासनिक भवन के अंदर मौजूद कुलगुरु और अन्य कर्मचारी बाहर नहीं आ सके। जैसे ही इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन को मिली, भारी पुलिस बल के साथ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पहले अंदर मौजूद कुलगुरु से स्थिति की जानकारी ली और फिर छात्रों से संवाद स्थापित किया।
14 दिनों से जारी है धरना, चार छात्रों ने शुरू की भूख हड़ताल
यह आंदोलन पिछले 14 दिनों से लगातार जारी है। 22 सितंबर को इस प्रदर्शन के 14वें दिन चार छात्रों ने अनशन यानी भूख हड़ताल की शुरुआत कर दी। प्रदर्शन स्थल पर मृत छात्रा श्रुति की तस्वीर लगाई गई है, जहां छात्र रोज उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। छात्रों का कहना है कि प्रशासन के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रशासन का पक्ष और जांच दल का आश्वासन
मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता और लंबी समझाइश के बाद छात्र प्रशासनिक भवन का गेट खोलने के लिए राजी हुए। बातचीत के दौरान कुलगुरु प्रो. कल्पना शर्मा ने छात्रों को आश्वस्त किया कि जल्द ही दिल्ली से एक जांच दल संस्थान में आएगा। यह दल पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेगा और अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेगा।
इससे पहले LNIPE प्रशासन की ओर से यह जानकारी दी गई थी कि गुवाहाटी मामले में संबंधित शिक्षक को निलंबित किया जा चुका है, जबकि डॉक्टर और नर्स को उनके पदों से हटा दिया गया है। संस्थान का यह भी कहना है कि परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा चुकी है और इलाज से जुड़े चिकित्सा खर्च का पूरा भुगतान भी संस्थान द्वारा किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत का दौर जारी है।
