बिल पास करने के बदले मांग रहा था रिश्वत, लोकायुक्त की टीम ने 61 साल के उपयंत्री को ऐसे सिखाया सबक
Lokayukta Indore action : काम पूरा हो जाए, तब भी अपना ही पैसा पाने के लिए रिश्वत देनी पड़े, तो कैसा लगेगा? खंडवा के एक ठेकेदार ने इसी सवाल का जवाब कानून के रास्ते से दिया।इंदौर लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) के उपयंत्री अशोक गौतम को 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई पुनासा स्थित कार्यालय के टेक्निकल रूम में हुई।
ठेकेदार का आरोप है कि बकाया भुगतान और सिक्योरिटी डिपॉजिट की रकम लौटाने के बदले उपयंत्री ने कुल 55 हजार रुपये मांगे थे। ठेकेदार ने 10 सितंबर को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की। टीम ने पहले आरोपों की जांच की और उनके सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई। 61 साल के अशोक गौतम पुनासा नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 में पदस्थ हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत केस दर्ज हुआ है।
कैसे खुला रिश्वत का पूरा मामला?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब ठेकेदार लखन राठौर ने 10 सितंबर को इंदौर लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। ठेकेदार को वर्ष 2024 के दौरान पुनासा में जनरेटर रूम और चौकीदार कक्ष के निर्माण का ठेका मिला था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार ने नियमानुसार अपने बिल प्रस्तुत किए थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसे लगभग 13 लाख रुपये का भुगतान मिल चुका था, लेकिन कुछ बकाया राशि और सिक्योरिटी डिपॉजिट का पैसा अटका हुआ था। इसी शेष राशि को क्लीयर करने और खाते से भुगतान जारी करने के एवज में 61 वर्षीय सब-इंजीनियर अशोक गौतम ने 55 हजार रुपये की मांग रखी थी।
लोकायुक्त टीम ने ऐसे बिछाया जाल
लोकायुक्त इंदौर ने ठेकेदार की शिकायत मिलने के बाद तुरंत गोपनीय सत्यापन कराया। जांच में सब-इंजीनियर द्वारा रिश्वत मांगे जाने के आरोप पूरी तरह सही पाए गए। इसके बाद इंदौर लोकायुक्त एसपी के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
बुधवार को निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में लोकायुक्त पुलिस पुनासा पहुंची। योजना के तहत ठेकेदार लखन राठौर ने आरोपी सब-इंजीनियर अशोक गौतम से संपर्क किया। जैसे ही ठेकेदार ने कार्यालय के टेक्निकल रूम में उपयंत्री को 14 हजार रुपये की पहली किस्त सौंपी, लोकायुक्त टीम ने तुरंत दबिश देकर उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत की यह रकम आरोपी की पेंट की जेब से बरामद की गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी अशोक गौतम वर्तमान में खंडवा के नर्मदा नगर स्थित डेम कॉलोनी के सरकारी आवास में निवास कर रहा था।
इस सफल ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देने वाली लोकायुक्त टीम में निरीक्षक सचिन पटेरिया के साथ हेड कॉन्स्टेबल विजय कुमार, विवेक मिश्रा और कॉन्स्टेबल कमलेश परिहार, शैलेन्द्र सिंह बघेल तथा कृष्णा अहिरवार शामिल रहे। इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर ठेकेदारों और प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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