- मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में EOW ने की बड़ी कार्रवाई।
- 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए स्टेनो सौरभ यादव को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
- स्टेनो ने रिश्वत की राशि में से 25 हजार रुपए 'एसडीएम मैडम' के होने का दावा किया था।
- एसडीएम पूजा सोनी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामले की NOC 12 मई को ही जारी हो चुकी थी।
SDM Pooja Soni News Update : मध्यप्रदेश के
नरसिंहपुर जिले में प्रशासनिक हलके से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने 14 मई को तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में पदस्थ स्टेनो सौरभ यादव को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई तेंदूखेड़ा में स्थित एसडीएम दफ्तर में की गई। इस मामले में अब
एसडीएम पूजा सोनी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ट्रैप के दौरान बाबू ने कथित तौर पर कहा था कि इस रकम में से 25 हजार रुपए 'मैडम' के हैं। इस पूरे विवाद पर एसडीएम पूजा सोनी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने खुद को पूरी तरह बेकसूर बताते हुए कहा कि जब संबंधित मामले की एनओसी पहले ही जारी की जा चुकी थी, तो फिर रिश्वत लेने का कोई आधार ही नहीं बचता।
क्या है पूरा मामला और कैसे जाल में फंसा स्टेनो
शिकायतकर्ता और बिल्डर संजय राय ने ईओडब्ल्यू से शिकायत की थी कि उनके एक प्रोजेक्ट की कागजी कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए पैसों की मांग की जा रही है। तय रणनीति के तहत जब शिकायतकर्ता 14 मई को एसडीएम कार्यालय पहुंचा, तो वहां मौजूद स्टेनो सौरभ यादव ने जैसे ही 30 हजार रुपए की नकदी हाथ में ली, EOW की टीम ने उसे दबोच लिया। https://twitter.com/mpbignews/status/2055123684524982641 कार्रवाई के दौरान स्टेनो का एक कथित बयान भी सामने आया, जिसमें उसने 5 हजार रुपए खुद के और बाकी के 25 हजार रुपए एसडीएम के होने की बात कही थी। इस बातचीत को जांच एजेंसी ने अपने पास रिकॉर्ड कर लिया है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग और 'श्रद्धा' वाले बयान पर विवाद
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता ने एसडीएम पूजा सोनी से भी मुलाकात की थी। बातचीत के दौरान जब शिकायतकर्ता ने पूछा कि 'मैडम आपकी क्या सेवा करें?' तो एसडीएम ने सीधे तौर पर कोई मांग नहीं की। लेकिन जब बाबू (स्टेनो) को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि 'जितनी श्रद्धा है, आप कर दीजिए।' EOW के अधिकारियों का दावा है कि उनके पास इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जो शुरुआती जांच में एसडीएम की भूमिका की ओर इशारा करती है। इसी वजह से मामले में एफआईआर तो फिलहाल स्टेनो सौरभ यादव पर हुई है, लेकिन एसडीएम पूजा सोनी और चपरासी सुनील कुमार के खिलाफ जांच जारी है।
एसडीएम पूजा सोनी का पक्ष
इस पूरे घटनाक्रम पर एसडीएम पूजा सोनी ने मीडिया के सामने आकर अपनी स्थिति साफ की है। उन्होंने कहा कि रिश्वत बाबू ने ली है, उसमें उनकी कोई संलिप्तता नहीं है। जब इस मामले से उनका कोई लेना-देना ही नहीं है, तो उन्हें आरोपी कैसे बनाया जा सकता है। उन्होंने तारीखों का हवाला देते हुए बताया कि जिस काम को लेकर रिश्वत के आरोप लग रहे हैं, उसकी एनओसी (NOC) 12 मई को ही जारी की जा चुकी थी। यह मामला 27 अप्रैल को शुरू हुआ था और 12 मई को पूरी तरह बंद हो चुका था। जब काम दो दिन पहले ही पूरा हो गया था, तो 14 मई को रिश्वत लेने का कोई मतलब ही नहीं बनता।
'खुशी में चाय-पानी के मामले में मैं दखल नहीं देती'
पूजा सोनी ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता संजय राय अक्सर उनसे 'सेवा' करने की बात पूछता था, लेकिन उन्होंने हर बार इसके लिए मना किया। बाद में जब उसने बाबू के लिए कुछ करने की बात कही, तो उन्होंने सामान्य लहजे में कह दिया कि 'वह तुम देख लो।' एसडीएम ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपना काम पूरा होने के बाद खुशी से स्टाफ को चाय-पानी करा देता है, तो वह आम तौर पर उसमें दखल नहीं देतीं। अगर स्टेनो ने उनके नाम पर 30 हजार रुपए की मांग की थी, तो उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी। अगर बाबू उन्हें पहले बताता, तो वह उसी समय इस पर रोक लगा देतीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्टेनो ने EOW के सामने यह माना है कि इस रकम को लेकर उसकी एसडीएम से कोई बात नहीं हुई थी।
'आरोप साबित हुआ तो नौकरी छोड़ दूंगी'
हाल ही में यूपीएससी 2025 (UPSC 2025) की परीक्षा में चयन का गौरव हासिल करने वाली एसडीएम पूजा सोनी ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनके करियर पर बेबुनियाद दाग लगाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूरी जिम्मेदारी के साथ कहा कि अगर अदालत के किसी भी मामले में कोई पक्षकार यह साबित कर दे कि उसने काम कराने के बदले उन्हें एक रुपया भी दिया है, तो वह तुरंत अपनी सरकारी नौकरी छोड़ देंगी। फिलहाल EOW की टीम इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि सच सामने आ सके।