मध्यप्रदेश में मौसम फिर बदलेगा करवट, तीन दिन झमाझम बारिश के साथ चलेंगी तेज हवाएं
madhya pradesh monsoon update : मध्यप्रदेश के लोगों को अभी मानसून से पूरी तरह छुट्टी नहीं मिलने वाली है। अगले दो से तीन दिन प्रदेश के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक का सिलसिला बना रहेगा। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चलेंगी, जिनकी रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक जा सकती है।
इसकी सीधी वजह बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ एक मौसमी सिस्टम है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम की ओर खिसक रहा है और आने वाले समय में इसके और ताकतवर होने की आशंका जताई जा रही है। यानी जिन लोगों ने मानसून को अलविदा कहना शुरू कर दिया था, उन्हें अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।
खास बात यह है कि इस बदलाव का असर सिर्फ एक-दो जिलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित प्रदेश के लगभग हर हिस्से में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा।
किन जिलों में दिखेगा असर
राजधानी भोपाल के साथ-साथ विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम और आगर जैसे जिलों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में बादल छाए रहने के साथ बारिश की गतिविधियां भी दर्ज हो सकती हैं।
23 सितंबर से शुरू होगा बारिश का नया दौर
मौसम विभाग के अनुसार 23 सितंबर से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। भोपाल, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग के कई इलाके इस दौरान बारिश की जद में आ सकते हैं।
इसके अलावा नर्मदापुरम, बैतूल, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में भी कहीं-कहीं बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। यानी प्रदेश का पूर्वी और मध्य हिस्सा इस दौर में ज्यादा प्रभावित रह सकता है।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बना वजह
इस पूरे मौसमी बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना अवदाब (डिप्रेशन) मुख्य कारण बताया जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि यह सिस्टम बीते कुछ घंटों में पश्चिम दिशा की तरफ आगे बढ़ा है, और आगे बढ़ने के साथ इसमें और मजबूती आने की संभावना है।
इतना ही नहीं, समुद्र तल से करीब 3.1 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच एक ट्रफ भी सक्रिय है। साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इन तीनों मौसमी गतिविधियों के एक साथ सक्रिय होने से ही मध्यप्रदेश के मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
क्या मानसून लौटने की तैयारी में है?
एक तरफ जहां बारिश का नया दौर शुरू होने वाला है, वहीं दूसरी तरफ मानसून की विदाई के संकेत भी मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों में देश के कई उत्तर-पश्चिमी राज्यों से मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बन रही हैं।
हालांकि मध्यप्रदेश की बात करें तो यहां अभी कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। यानी प्रदेश में मानसून पूरी तरह विदा होने से पहले एक आखिरी दौर और दिखा सकता है।
आज का सीधा अपडेट
MP Weather Today का सार यह है कि 23 सितंबर से अगले कुछ दिनों तक मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
IMD भोपाल के ताजा चेतावनी बुलेटिन में पश्चिमी और पूर्वी मध्यप्रदेश दोनों के लिए इस अवधि में थंडरस्टॉर्म/बिजली से जुड़ी चेतावनी दर्ज है, जबकि कुछ दिनों में भारी बारिश का संकेत भी दिया गया है।
इसलिए अगले दो-तीन दिन प्रदेश में मौसम साफ रहने की बजाय बदलता हुआ नजर आ सकता है। जिलेवार स्थिति के लिए स्थानीय मौसम चेतावनी को देखना सबसे उपयोगी रहेगा।
