नरसिंहपुर में गुमशुदगी की जांच ने खोला हत्या का राज, करंट लगाकर युवक की हत्या का आरोप; 9 गिरफ्तार
Narsinghpur police news : नरसिंहपुर जिले में एक गुमशुदगी की रिपोर्ट अब हत्या के मामले में बदल गई है। पलोहा थाना क्षेत्र के गांव खकरिया के 28 वर्षीय तरवर उर्फ बड्डू गुर्जर 14 सितंबर 2026 की शाम से लापता थे। पुलिस ने सघन जांच के बाद इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पहले से योजना बनाकर खेत में बिजली का तार बिछाया और करंट छोड़कर तरवर की जान ले ली। इसके बाद शव को एनटीपीसी घाट के पास नर्मदा नदी में फेंक दिया गया।
एसडीआरएफ की टीम नदी में शव को खोज चुकी है, लेकिन अब तक वह मिला नहीं है। तलाश जारी है। आरोपियों की निशानदेही पर बिजली का तार, गमछा, कड़ा और मोटरसाइकिल की चाबी जब्त की गई है। आखिर यह मामला कैसे खुला? आइए क्रम से समझते हैं।
शाम को घर से निकले, फिर नहीं लौटे तरवर
पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को लाखन सिंह गुर्जर ने पलोहा थाने में बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। लाखन सिंह ग्राम खकरिया के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा तरवर उर्फ बड्डू 14 सितंबर की शाम करीब 8 बजे उत्तरा बाई को छोड़ने मामा के घर ग्राम गुज्जरखेड़ा गया था।
उसके बाद वह घर नहीं लौटा।एक अहम सुराग भी मिला। तरवर की मोटरसाइकिल भटेरा में पावर हाउस के पास लावारिस हालत में खड़ी मिली। थाना पलोहा ने रिपोर्ट पर तुरंत कार्रवाई करते हुए बीएनएस की धारा 140(3) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
एसपी ने बनाई विशेष टीम
मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने विशेष टीम गठित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के मार्गदर्शन और एसडीओपी तेंदूखेड़ा अभिनव मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने तलाश और पूछताछ शुरू की।
आखिरी बार किसके साथ दिखे थे तरवर?
जांच में पुलिस को पता चला कि तरवर का भटेरा गांव में आना-जाना था। घटना वाले दिन उन्हें आखिरी बार सुरेन्द्र जाटव के साथ देखा गया था। पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि दोनों ने साथ में शराब पी थी।
पुलिस ने सुरेन्द्र जाटव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर तरवर की हत्या की योजना बनाने और उसे अंजाम देने की बात बताई।
खेत में बिछाया था बिजली का तार
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पहले से तय योजना के तहत खेत में बिजली का तार बिछाया था। 14 सितंबर की रात तरवर के वहां पहुंचने पर करंट प्रवाहित किया गया। पूछताछ में बताया गया कि इससे उनकी मौत हो गई।
शव नर्मदा में फेंका, अब तक नहीं मिला
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शव छिपाने के इरादे से दूसरे साथियों के साथ मिलकर उसे एनटीपीसी घाट पर नर्मदा नदी में फेंक दिया। पुलिस ने एसडीआरएफ टीम की मदद से नदी में शव की तलाश की, लेकिन वह बरामद नहीं हो सका। पुलिस के मुताबिक तलाश लगातार जारी है।
