MP NEWS : जबलपुर कोर्ट से शिवराज सिंह चौहान को राहत, मानहानि केस में तीन भाजपा नेता बरी
MP NEWS : जबलपुर की विशेष अदालत ने एक चर्चित मानहानि मामले में केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बड़ी राहत दी है। अदालत ने खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा और भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह को भी इस मामले में दोषमुक्त घोषित किया। यह फैसला उस समय आया जब मामले के परिवादी राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने अंतिम निर्णय से पहले अपना मुकदमा वापस लेने का आवेदन अदालत में दिया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
अदालत का फैसला
जबलपुर में एमपी/एमएलए मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट डीपी सूत्रकर की अदालत में यह मामला चल रहा था। अदालत ने विवेक तन्खा की ओर से दाखिल आवेदन को स्वीकार करते हुए शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह को मानहानि के आरोपों से मुक्त कर दिया।
कानूनी प्रक्रिया के तहत जब किसी मामले का परिवादी स्वयं मुकदमा वापस लेने की अनुमति मांगता है और अदालत इसे स्वीकार कर लेती है, तो आरोपित पक्ष को उस प्रकरण से राहत मिल जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत अदालत ने यह आदेश जारी किया।
कैसे शुरू हुआ था विवाद
यह मामला 4 जनवरी 2022 को दर्ज किया गया था। उस समय मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव और ओबीसी आरक्षण को लेकर कानूनी बहस चल रही थी। इस मामले में राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा अदालत में ओबीसी आरक्षण से जुड़े पक्ष की पैरवी कर रहे थे।
उसी दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक सार्वजनिक बयान दिया था। विवेक तन्खा का आरोप था कि इस बयान से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा और यह उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला था। इसी आधार पर उन्होंने मानहानि का मामला दर्ज कराया।
10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग
विवेक तन्खा ने इस विवाद को लेकर सिविल और आपराधिक दोनों प्रकार के मानहानि मामले दायर किए थे। उनके द्वारा दायर याचिका में 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग भी की गई थी।
हालांकि लंबे समय तक अदालत में चली सुनवाई के बाद अंतिम निर्णय से पहले उन्होंने स्वयं ही मुकदमा वापस लेने का आवेदन दे दिया। अदालत ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए तीनों भाजपा नेताओं को आरोपों से मुक्त कर दिया।











