मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड की वापसी: ग्वालियर-चंबल में जीरो विजिबिलिटी, इन 10 जिलों में रेड अलर्ट
मध्यप्रदेश में बारिश थमते ही घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने दस्तक दी है। मंदसौर सबसे ठंडा जिला रहा, जबकि ग्वालियर-चंबल संभाग में विजिबिलिटी घटने से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका
MP Weather Fog Update : मध्यप्रदेश के लोग अभी बारिश और ओलों की मार से संभले भी नहीं थे कि मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 की सुबह जब प्रदेश की आंख खुली, तो चारों तरफ धुंध और कोहरे का पहरा था।
पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बरसात ने भले ही विदाई ले ली हो, लेकिन अपने पीछे वह ठिठुरन और नमी छोड़ गई है, जिसने पूरे राज्य को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन प्रदेशवासियों को इसी तरह की गलन और कम दृश्यता का सामना करना पड़ेगा।
बारिश थमी पर ठिठुरन ने बढ़ाई मुश्किलें
राज्य में ओले गिरने और बारिश का दौर अब पूरी तरह थम चुका है, लेकिन इसके तुरंत बाद उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड बढ़ा दी है। ग्वालियर, चंबल, सागर और शहडोल जैसे संभागों में तापमान में अचानक आई गिरावट ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, नमी की अधिकता और हवा की धीमी गति के कारण कोहरा जमीन के करीब जमा हो गया है, जिससे सुबह के वक्त सड़कों पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है।
तापमान का गणित और ठिठुरता मंदसौर
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चंबल संभाग में न्यूनतम तापमान में लगभग 4.4 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट देखी गई है। मंदसौर जिला इस समय पूरे प्रदेश में सबसे ठंडा इलाका बनकर उभरा है, जहां पारा गिरकर 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
वहीं, ग्वालियर में दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे यानी 16.2 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। शाजापुर का गिरवर क्षेत्र इस समय ‘कोल्ड डे’ की स्थिति से गुजर रहा है, जिसका सीधा मतलब है कि यहां दिन में भी सूरज की तपिश महसूस नहीं हो रही है।
कोहरे की चादर और विजिबिलिटी का संकट
मध्यप्रदेश के उत्तरी और बुंदेलखंड के इलाकों में कोहरे का असर सबसे ज्यादा है। ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना जैसे जिलों में विजिबिलिटी यानी दृश्यता घटकर महज 200 से 500 मीटर रह गई है। सतना, पन्ना और छतरपुर में भी सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा।
दूसरी ओर, राजधानी भोपाल, इंदौर और उज्जैन में मध्यम स्तर का कोहरा देखा जा रहा है, जहां दृश्यता 500 मीटर से 2 किलोमीटर के बीच रहने का अनुमान है। प्रशासन ने कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने और फॉग लाइट का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
भोपाल और मालवा में कैसा रहेगा हाल
राजधानी भोपाल में शुक्रवार को दिन भर सर्द हवाओं का असर बना रहेगा। शहर में 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ठंडी हवाएं ठिठुरन को और बढ़ाएंगी। भोपाल का अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
हालांकि जबलपुर और उसके आसपास के हिस्सों में बादलों की आवाजाही के कारण रात का तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर दर्ज किया गया है, लेकिन वहां भी कोहरे का असर साफ दिखाई दे रहा है। अगले 48 घंटों तक राज्य में किसी बड़ी बारिश की संभावना नहीं है, जो घने कोहरे के बने रहने का मुख्य कारण बनेगा।












