असली परिवार के पास जा रहा हूं”, इंदौर के 15 साल के किशोर ने घर छोड़ने से पहले लिखा भावुक नोट
इंदौर का 15 वर्षीय छात्र संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए घर छोड़कर लापता हो गया। उसने भावुक पत्र लिखकर खुद को अध्यात्म की ओर समर्पित करने की बात कही है।
Sant Premanand Maharaj News : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक बेहद भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के खजराना इलाके में रहने वाला एक 15 साल का छात्र अचानक अपने घर से लापता हो गया है।
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वह मथुरा के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मिलने और उनके आश्रम में समय बिताने के लिए निकला है। इस घटना के बाद से ही परिवार का बुरा हाल है और पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ छात्र की तलाश में जुटी है।
खजराना की कृष्णा विहार कॉलोनी से शुरू हुई तलाश
इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र की कृष्णा विहार कॉलोनी में रहने वाला यह किशोर बुधवार को सामान्य रूप से घर से निकला था। जब वह देर शाम तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। काफी खोजबीन के बाद जब वह कहीं नहीं मिला, तो परिजनों ने घर की तलाशी ली।
इस दौरान उन्हें छात्र द्वारा लिखा गया एक पत्र मिला, जिसे पढ़कर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। पत्र में उसने साफ तौर पर लिखा था कि वह वृंदावन जा रहा है। इसके तुरंत बाद पिता ने गुरुवार को खजराना थाने पहुंचकर मामले की जानकारी दी और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
धार्मिक गतिविधियों और प्रवचनों का था गहरा असर
परिजनों के अनुसार, छात्र का मन पढ़ाई से ज्यादा भक्ति और पूजा-पाठ में रमता था। वह रोजाना कम से कम दो घंटे भगवान की आराधना करता था और नियमित रूप से मंदिर भी जाता था। मोबाइल पर उसका अधिकतर समय संतों के प्रवचन सुनने में बीतता था।
वह विशेष रूप से वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की बातों से बहुत ज्यादा प्रभावित था। उसके भाई ने बताया कि छात्र की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और सोशल मीडिया अकाउंट्स देखने पर पता चला कि वह न केवल प्रेमानंद महाराज बल्कि उत्तराखंड की एक साध्वी के भजन भी काफी चाव से सुनता था।
पत्र में लिखा- “मैं अपने असली परिवार के पास जा रहा हूं”
छात्र ने घर छोड़ने से पहले जो पत्र लिखा, वह उसकी मानसिक स्थिति और वैराग्य के प्रति उसके झुकाव को दर्शाता है। उसने पत्र में लिखा कि वह अपने “असली परिवार” के पास जा रहा है और उसने परिजनों से गुजारिश की है कि उसे ढूंढने की कोशिश न की जाए।
सबसे अहम बात यह रही कि उसने यह स्पष्ट किया कि वह किसी दबाव, पढ़ाई के तनाव या घर की डांट की वजह से यह कदम नहीं उठा रहा है। उसने अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए पत्र में यह भी लिखा कि उसने अपने एक दोस्त से 500 रुपये उधार लिए थे, जिन्हें परिवार वापस कर दे।
पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के सुराग
खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधव ने बताया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत तकनीकी जांच शुरू कर दी है। छात्र के मोबाइल की हिस्ट्री खंगालने पर पता चला कि उसने हाल ही में देहरादून और वृंदावन जाने वाली ट्रेनों के बारे में जानकारी सर्च की थी। कॉलोनी के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में वह अकेले बैग लेकर पैदल जाते हुए दिखाई दिया है। पुलिस ने तत्काल उत्तर प्रदेश पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (जीआरपी) को अलर्ट कर दिया है।
पिता ने वृंदावन के लिए भेजी टीम
लापता छात्र के पिता पेशे से ड्राइवर हैं और अपने बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने अपने बड़े बेटे को मथुरा-वृंदावन भेजा है ताकि वह संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम और आसपास के इलाकों में भाई की तलाश कर सके। पुलिस को पूरी उम्मीद है कि तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से छात्र को जल्द ही सुरक्षित ढूंढ लिया जाएगा।












