MP Janpad Panchayat CEO Transfer: उज्जैन, जबलपुर और रायसेन समेत कई जिलों के जनपद सीईओ का तबादला
- मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।
- सरकार ने कई जिलों के डिप्टी कमिश्नर और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) के तबादले किए हैं।
- पंचायत राज संचालनालय में सहायक संचालक रहीं वंदना शर्मा को अतिरिक्त CEO जिला पंचायत भोपाल की नई जिम्मेदारी मिली है।
MP Janpad Panchayat CEO Transfer : मध्यप्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य में एक बड़ा फेरबदल किया है। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत कई डिप्टी कमिश्नर और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) का ट्रांसफर कर दिया गया है।.
सरकार ने यह कदम प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उठाया है। इस बदलाव के तहत प्रभावित अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से अपने नए पदों पर जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं और क्षेत्रीय कामकाज को और अधिक गति दी जा सके।
वंदना शर्मा को मिली भोपाल में बड़ी जिम्मेदारी
इस प्रशासनिक फेरबदल में राजधानी भोपाल के स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। अब तक पंचायत राज संचालनालय भोपाल में सहायक संचालक के पद पर तैनात रहीं वंदना शर्मा को एक नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार ने उन्हें अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (अतिरिक्त सीईओ), जिला पंचायत भोपाल के पद पर नियुक्त किया है। उनकी यह नई तैनाती जिला स्तर पर ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
इन जिलों में भी बदले गए प्रशासनिक चेहरे
सरकार की तरफ से जारी की गई इस तबादला सूची का असर राज्य के कई हिस्सों में हुआ है। भोपाल के अलावा जिन प्रमुख जिलों में प्रशासनिक फेरबदल किया गया है, उनमें अशोकनगर, जबलपुर, उज्जैन, डिंडोरी, रायसेन, मंदसौर, बड़वानी और शिवपुरी शामिल हैं।

इन सभी जिलों में डिप्टी कमिश्नर और जनपद पंचायत के सीईओ स्तर के अधिकारियों को नए कार्यक्षेत्र सौंपे गए हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक सक्रिय और पारदर्शी बनाना है।
ट्रांसफर नीति के तहत तुरंत संभालना होगा कार्यभार
विभाग द्वारा जारी आदेश में साफ तौर पर यह स्पष्ट किया गया है कि ये सभी तबादले पूरी तरह से प्रशासनिक प्राथमिकताओं और सरकारी कामकाज की सुगमता के आधार पर किए गए हैं। जारी किए गए आदेश के मुताबिक, सभी ट्रांसफर तय ट्रांसफर पॉलिसी (स्थानांतरण नीति) के नियमों के दायरे में हुए हैं।
इसके साथ ही, सभी संबंधित अधिकारियों को बिना किसी देरी के तुरंत अपने वर्तमान दफ्तरों से कार्यमुक्त होना होगा और नए तैनाती स्थलों पर पहुंचकर अपना कार्यभार ग्रहण करना होगा।












