MP Police Bharti 2026: मध्य प्रदेश पुलिस में 10 हजार पदों पर बंपर भर्ती, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान
MP Police Bharti 2026 : मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का एक बेहतरीन मौका सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार समारोह के दौरान राज्य पुलिस विभाग में 10,000 नए पदों पर भर्ती करने की घोषणा की है।
राज्य में पुलिस बल को मजबूत करने और बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण के तहत इन पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिससे लंबे समय से स्टाफ की कमी का सामना कर रहे पुलिस महकमे को बड़ी राहत मिलेगी।
पहले चरण में भरे जाएंगे 10,000 पद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में इस समय करीब 22,500 पद खाली हैं। राज्य की सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता न हो, इसके लिए सरकार ने पहले चरण में 10,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है।
उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि बाकी बचे खाली पदों को भरने के लिए भी सरकार जल्द ही फैसला लेगी। सरकार का साफ मानना है कि एक मजबूत और साधन संपन्न पुलिस बल ही राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था की गारंटी दे सकता है। इसी सोच के साथ विभाग को लगातार आधुनिक और मजबूत बनाया जा रहा है।
पुलिसकर्मियों के लिए दोगुनी हुई सम्मान राशि
मैदान पर दिन-रात काम करने वाले पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाने के लिए सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल की आर्थिक प्रोत्साहन राशि में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है।
अब डायरेक्टर जनरल (DG) स्तर पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 25,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 50,000 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर पर मिलने वाले इनाम की राशि को भी दोगुना कर दिया गया है। पहले यह राशि 10,000 रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 20,000 रुपये कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो जवान अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की रक्षा करते हैं, उनके समर्पण का सम्मान करना सरकार का फर्ज है। इस दौरान बेहतरीन काम करने वाले 101 से अधिक पुलिस अधिकारियों और जवानों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित भी किया गया।
नक्सलवाद और अपराध पर पुलिस की बड़ी कामयाबी
राज्य की कानून व्यवस्था पर बात करते हुए डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश पुलिस की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि पुलिस की मुस्तैदी के कारण आज मध्य प्रदेश नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। पिछले दो सालों में पुलिस ने नक्सली संगठनों के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई की है कि राज्य से उनका नामोनिशान मिट गया है।
चंबल के बीहड़ों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब वहां डाकुओं का बोलबाला था, लेकिन हमारी पुलिस ने उनका पूरी तरह सफाया कर दिया। आज बालाघाट जैसे सुदूर इलाके भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं, जो राज्य के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी है।
प्रोजेक्ट चीता में भी मध्य प्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड
पुलिस के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण की दिशा में मिल रही सफलताओं को भी साझा किया। उन्होंने ‘प्रोजेक्ट चीता’ की तारीफ करते हुए बताया कि हाल ही में दो मादा चीतों को खुले जंगल में छोड़ा गया है।
मध्य प्रदेश अब एशिया में चीतों की आबादी को दोबारा बसाने का मुख्य केंद्र बन चुका है। राज्य में अब तक 57 से अधिक चीतों को सफलतापूर्वक पुनर्स्थापित किया जा चुका है। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से न सिर्फ पर्यावरण और वन्यजीवों का संरक्षण होगा, बल्कि राज्य में पर्यटन उद्योग को भी नई रफ्तार मिलेगी।
युवाओं के लिए आगे की राह
मध्य प्रदेश पुलिस में आने वाली यह वैकेंसी उन युवाओं के लिए सुनहरा मौका है जो खाकी वर्दी पहनने का सपना देख रहे हैं। इस भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइंस और नोटिफिकेशन जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।
जानकारों का कहना है कि परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को अभी से अपनी लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए ताकि वे इस मौके का पूरा फायदा उठा सकें।













