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मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: मध्य प्रदेश के विकास के लिए 29,540 करोड़ रुपये मंजूर, जानें आपको क्या मिलेगा

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 29,540 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं को मंजूरी मिली।
  • शहरी और नगरीय क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण, सुधार और मजबूतीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग को 6,900 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
  • गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले बुजुर्गों की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए 6,115.99 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए।
  • सीहोर के बुदनी में 100 सीटों वाले मेडिकल कॉलेज और 500 बेड के अस्पताल के लिए 763.40 करोड़ रुपये के संशोधित बजट को हरी झंडी मिली।

MP cabinet meeting updates : मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के चौमुखी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। भोपाल स्थित मंत्रालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने सड़क, बुजुर्गों की पेंशन, चिकित्सा सुविधाओं और सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 29,540 करोड़ रुपये से अधिक के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दे दी है।

इस बड़े फैसले का सीधा उद्देश्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना और आम जनता तक सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। सरकार के इस कदम से आने वाले समय में राज्य के बुनियादी विकास और सामाजिक न्याय को एक नई गति मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट ने बजट का सबसे बड़ा हिस्सा लोक वित्त पोषित योजनाओं के लिए तय किया है। सरकार ने 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए 15,598.27 करोड़ रुपये की भारी राशि स्वीकृत की है।

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इस राशि का उपयोग नए कोषालयों की स्थापना करने, पुरानी और लंबित देनदारियों का भुगतान निपटाने, सरकारी कर्मचारियों के लिए लेखा प्रशिक्षण शालाएं शुरू करने और प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने वाली आईटी परियोजनाओं में किया जाएगा। इस निवेश से सरकारी कामकाज की रफ्तार बढ़ेगी और आम जनता के प्रशासनिक काम बिना किसी देरी के पूरे हो सकेंगे।

अगर आप शहर की खराब सड़कों से परेशान हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के तहत शहरी और नगरीय मार्गों को नया रूप देने के लिए सरकार ने 6,900 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

इस बजट का एक बड़ा हिस्सा सड़कों की सूरत बदलने में काम आएगा। सरकार इसमें से 2,100 करोड़ रुपये पूरी तरह से नई सड़कें बनाने और उनके उन्नयन पर खर्च करेगी। वहीं, बची हुई 4,800 करोड़ रुपये की बड़ी रकम का इस्तेमाल पुरानी और जर्जर हो चुकी सड़कों को मजबूत करने के लिए किया जाएगा, जिससे शहरी इलाकों में सफर आसान और सुरक्षित हो सके।

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मोहन कैबिनेट ने समाज के सबसे सम्मानित वर्ग यानी हमारे बुजुर्गों का भी विशेष ख्याल रखा है। गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवन बिता रहे 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए चलाई जा रही इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को लगातार जारी रखने का फैसला हुआ है।

इस कल्याणकारी योजना के निर्बाध संचालन के लिए सरकार ने 6,115.99 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस फैसले से मध्य प्रदेश के लाखों जरूरतमंद बुजुर्गों को बिना किसी आर्थिक संकट के उनकी मासिक पेंशन समय पर मिलती रहेगी, जिससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।

स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में भी सरकार ने दो बेहद महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। सीहोर जिले के बुदनी में एक बड़ा मेडिकल हब बनने जा रहा है। सरकार ने यहाँ एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रुपये के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

यहाँ 100 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज, 500 बिस्तरों का एक आधुनिक अस्पताल तथा नर्सिंग व पैरामेडिकल संस्थान तैयार होंगे, जिससे स्थानीय और आस-पास के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों की तरफ नहीं भागना पड़ेगा।

इसके साथ ही, किसानों की भलाई के लिए नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को भी हरी झंडी मिल गई है। इस पर 163.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से क्षेत्र के 22 गांवों की लगभग 5,200 हेक्टेयर कृषि भूमि को सीधे पानी मिलेगा, जिससे फसलों की पैदावार बेहतर होगी और किसानों की आय में सुधार होगा।

सरकार ने राज्य मंत्रियों के अधिकारों में बढ़ोतरी करते हुए उनके स्वेच्छानुदान की प्रति मामला सीमा को 16 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे 25 हजार रुपये कर दिया है। इससे मंत्री स्तर पर जरूरतमंदों को मिलने वाली तात्कालिक सहायता राशि में बढ़ोतरी होगी।

इसके अलावा, निर्माण क्षेत्र को गति देने के लिए भी एक व्यावहारिक कदम उठाया गया है। डामरीकरण के जिन कार्यों की लागत 10 करोड़ रुपये से कम है, उनमें मूल्य समायोजन को मंजूरी दी गई है।

साथ ही एमपीआरडीसी के तहत चल रही ईपीसी और हैम परियोजनाओं में मासिक दर समायोजन को भी स्वीकार किया गया है। इस निर्णय से बिटुमेन (डामर) के बढ़ते दामों से परेशान ठेकेदारों को बड़ी राहत मिलेगी और राज्य में चल रहे विकास कार्य पैसों की तंगी या घाटे की वजह से बीच में नहीं रुकेंगे।

Alok Singh

मेरा नाम आलोक सिंह है मैं भगवान नरसिंह की नगरी नरसिंहपुर से हूं ।और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में आया था ।मुझे पत्रकारिता मैं इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया का 20 वर्ष का अनुभव है खबरों को प्रमाणिकता के साथ लिखने के हुनर में माहिर हूं।

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