Local MP

Narsinghpur News : प्रशासन आपके द्वार अभियान पर सवाल, कागजों में सिमटी योजनाएं, लाभ की आस में बैठे हितग्राही

नरसिंहपुर जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर उठे सवाल, अभियान के दौरान लिए गए आवेदन अब भी दफ्तरों में लंबित

Narsinghpur News : मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए गए “प्रशासन आपके द्वार” अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह अभियान सरकार और जिला प्रशासन की पहल पर विभिन्न ग्राम पंचायतों में चलाया गया था ताकि पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ सीधे उपलब्ध कराया जा सके।

हालांकि कई ग्रामीणों का आरोप है कि अभियान के दौरान आवेदन तो लिए गए, लेकिन उन पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप कई पात्र हितग्राही अब भी योजनाओं के लाभ की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि उनके आवेदन सरकारी कार्यालयों में लंबित बताए जा रहे हैं।

योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए शुरू हुआ था अभियान

राज्य सरकार समय-समय पर गरीब, मजदूर और पात्र नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाती है। इसी क्रम में “प्रशासन आपके द्वार” जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से बचाना और सेवाएं सीधे गांवों में उपलब्ध कराना होता है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

नरसिंहपुर जिले में भी प्रशासन ने इस अभियान के तहत विभिन्न पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में नागरिकों से विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन लिए गए। कई स्थानों पर कार्यक्रमों का शुभारंभ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ और लोगों को भरोसा दिलाया गया कि उनके आवेदनों का जल्द समाधान किया जाएगा।

आवेदन जमा हुए, लेकिन कार्रवाई का इंतजार

स्थानीय लोगों के अनुसार अभियान के दौरान बड़ी संख्या में आवेदन जमा किए गए थे। इनमें सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, श्रमिक कल्याण योजनाएं और अन्य सरकारी लाभ से जुड़े आवेदन शामिल थे। लेकिन कई हितग्राहियों का कहना है कि महीनों बीत जाने के बाद भी उनके आवेदनों पर कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई।

 

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

ग्रामीणों का आरोप है कि आवेदन संबंधित विभागों के कार्यालयों में लंबित पड़े हैं और उनकी स्थिति की जानकारी भी आवेदकों को नहीं दी जा रही। इससे उन लोगों में निराशा बढ़ रही है, जिन्होंने अभियान के दौरान उम्मीद के साथ आवेदन किया था।

जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल

अभियान के शुभारंभ के समय कई स्थानों पर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्यक्रमों में योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र लोगों को लाभ दिलाने का आश्वासन भी दिया गया। लेकिन अब ग्रामीणों का कहना है कि अभियान के बाद इस विषय पर समीक्षा या निगरानी पर्याप्त रूप से नहीं हुई।

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि यदि अभियान के परिणामों की नियमित समीक्षा होती तो लंबित आवेदनों की स्थिति स्पष्ट हो सकती थी। ग्रामीणों का मानना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय से ऐसे मामलों का समाधान जल्दी हो सकता है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अभियान पर खर्च, लेकिन जमीनी बदलाव सीमित

सूत्रों के अनुसार अभियान के आयोजन के लिए प्रशासनिक स्तर पर संसाधन और बजट का उपयोग किया गया। शिविरों के आयोजन, प्रचार और व्यवस्थाओं के लिए खर्च भी किया गया था। इसके बावजूद यदि पात्र लोगों को समय पर लाभ नहीं मिलता है तो अभियान के वास्तविक उद्देश्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

ग्रामीणों का कहना है कि अभियान के दौरान उन्हें उम्मीद जगी थी कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्दी होगा। लेकिन जब लंबे समय तक कोई प्रगति दिखाई नहीं देती तो लोगों का भरोसा प्रभावित होता है।

प्रशासनिक जवाबदेही की मांग

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि आवेदन लंबित हैं तो प्रशासन को उनकी स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन मामलों में कार्रवाई हुई और किन पर अभी काम बाकी है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अभियानों की सफलता केवल आयोजन से नहीं बल्कि समयबद्ध कार्रवाई से तय होती है। यदि शिकायतों और आवेदनों का निपटारा तय समय में किया जाए तो योजनाओं का लाभ वास्तव में पात्र लोगों तक पहुंच सकता है।

Alok Singh

मेरा नाम आलोक सिंह है मैं भगवान नरसिंह की नगरी नरसिंहपुर से हूं ।और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में आया था ।मुझे पत्रकारिता मैं इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया का 20 वर्ष का अनुभव है खबरों को प्रमाणिकता के साथ लिखने के हुनर में माहिर हूं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *